अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर फैसले दबाव में नहीं: भारत

जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर फैसले दबाव में नहीं: भारत

भारत ने कहा है कि उसने कार्बन उत्सर्जन की गहनता कम करने के बारे में अपनी ओर से जो घोषणा की है वह किसी दबाव में नहीं, बल्कि सहयोग की भावना से की है।

धरती के वातावरण पर हानिकारक प्रभाव डालने वाली औद्योगिक गैसों के उत्सर्जन का सीमित करने के नए समझौते के लिए सोमवार से शुरू हुए अब तक के सबसे बड़े वैश्विक सम्मेलन में कड़ी सौदेबाजी के बीच जलवाय परिवर्तन पर भारत के विशेष दूत श्याम सरन ने कहा कि हमने किसी परंपरा के तहत ऐसा नहीं किया है, बल्कि हम ऐसा कोपेनहेगन सम्मेलन में सहयोग के लिए और इसे सफल बनाने के लिए कर रहे है।

सरन से पूछा गया था कि क्या भारत की हाल की घोषणा को उसके रुख में लचीलेपन के संकेत के रूप में लिया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि 7-18 दिसंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन से ठीक पहले भारत ने 2020 तक अपनी कार्बन उत्सर्जन सघनता में 20 से 25 प्रतिशत तक कमी करने की घोषणा की है।

सरन ने कहा कि हमें यह समझना चाहिए कि कुछ मूल तत्व होते हैं जिन्हें नहीं बदला जा सकता। भारत ने भी मूल सिद्धांतों पर अपने रुख में निरंतरता बरकरार रखी है। यह पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आखिरी दिन 18 दिसंबर को यहां उपस्थित होने का निर्णय इतनी देर से क्यों किया। उन्होंने कहा भारत किसी दबाव में कुछ नहीं कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और चीन के प्रधानमंत्री वेन चियापाओ की भागीदारी की घोषणा के बाद भारतीय प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की घोषणा की गई।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर फैसले दबाव में नहीं: भारत