अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मां की मौत को भूल नहीं पाए थे हिटलर

मां की मौत को भूल नहीं पाए थे हिटलर

एक नई किताब में दावा किया गया है कि एडोल्फ हिटलर की मां की एक यहूदी चिकित्सक के इलाज के दौरान मौत हो जाने की घटना ने जर्मन तानाशाह के मन पर अमिट छाप छोड़ी थी और बहुत मुमकिन है कि इसी वजह से वह यहूदियों से नफरत करते हों ।

`नवंबर 9: हाउ वर्ल्ड वॉर वन लेड टु द होलोकॉस्ट' नाम की किताब के लेखक जोरुकिम राइकर दावा करते हैं कि स्तन कैंसर से पीड़ित रही हिटलर की मां क्लारा के निधन को तानाशाह भुलाए नहीं भूल पाया था।

गौरतलब है कि क्लारा के निधन के वक्त हिटलर महज 18 साल के थे। हारेत्ज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि क्लारा के चिकित्सक ने उन्हें उस वक्त स्तन कैंसर के लिए सबसे उपयुक्त इलाज माने जाने वाली दवा आयडोफॉर्म दी थी। लेकिन, इस इलाज के जहर से 1907 में सिर्फ 47 साल की उम्र में क्लारा इस दुनिया से चल बसीं ।

राइकर ने `द टेलीग्राफ' को बताया कि हिटलर उस यहूदी चिकित्सक को कभी भूल नहीं पाए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मां की मौत को भूल नहीं पाए थे हिटलर