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धँस रहा है ताजमहल, भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने शुरू किया अध्ययन

ताजमहल फिर सुर्खियों में है। भीड़ के दबाव से यह स्मारक धँस रहा है। मीनारें झुक रही हैं। भारतीय सर्वेक्षण विभाग (सर्वे ऑफ इंडिया) देहरादून की टीम ने वास्तविकता जानने के लिए यहाँ डेरा डाल लिया है। शुरुआती पड़ताल में उन्हें फर्श धँसा मिला है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को आशंका है कि ताजमहल की पुरानी स्थिति बदल रही है। इस पर एएसआई ने भूतलीय एवं अनुसंधान शाखा (जेआरबी) के भारतीय सर्वेक्षण विभाग देहरादून से मदद मांगी। विभाग द्वारा एक 10 सदस्यीय टीम ताजमहल के सर्वे के लिए भेज दी गई।

टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। दो दिनों में सर्वे के दौरान पाया गया कि ताजमहल के मुख्य गुंबद के फर्श के स्तर में कुछ फर्क आया है। उनका मानना है कि सैलानियों के लगातार बढ़ते दबाव से फर्श धँस रहा है।

ताजमहल की यमुना की ओर वाली दोनों मीनारों में भी पहले से कुछ अंतर दिखाई दिया। मीनार में 0.2 मिलीमीटर का झुकाव बढ़ा है। सर्वे ऑफ इंडिया के अफसर मुरारी लाल ने बताया कि सर्वे दो से ढाई माह तक चलेगा। उसके बाद पुरातत्व विभाग को रिपोर्ट दी जाएगी। सर्वे करने में 10 लोग जुटे हैं। सर्वे के लिए ताजमहल में मेहमान खाना, विक्टोरिया पार्क श्मशान घाट में टाइपी (वह बिंदु जहाँ से सर्वे किया जाता है) बने हैं। इस काम में 15 लाख रुपये का खर्च आएगा।

‘‘ताजमहल पर सैलानियों के बढ़ते दबाव से खतरा हो सकता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मुख्यालय को पूर्व में ही सैलानियों की क्षमता को लेकर एक प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसमें सैलानियों को ताजमहल देखने के लिए दो घण्टे का समय निर्धारित किए जाने की बात कही गई है।’’
--------डॉ. एआर सिद्दीकी, अधीक्षण पुरातत्वविद

‘‘अभी दो दिन ही सर्वे हो पाया है। कुछ अंतर अवश्य दिख रहा है। कुछ दिन और सर्वे किया जाएगा। उसके बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।’’
----मुरारी लाल, सर्वेक्षण अफसर, सर्वे ऑफ इंडिया

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