class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

वैल्यू एडेड टैक्स यानी वैट अप्रत्यक्ष कर है, जो वस्तुओं और सेवाओं पर आरोपित किया जाता है। यह एक ऐसी प्रणाली है जिसमें उत्पादन एवं वितरण के प्रत्येक चरण में किसी वस्तु के मूल्य के केवल उसी भाग पर लगाया जाता है जो मूल्य वृद्धि के रूप में वस्तु की लागत में जुड़ जाता है। यह कर उत्पादन के चरण से लेकर फुटकर बिक्री तक प्रत्येक चरण पर वस्तु की मूल्य वृद्धि में लागू रहता है। सीधे शब्दों में कहा जाए, तो यह मल्टी स्टेज टैक्स है। फ्रांस पहला ऐसा मुल्क था जिसने मूल्य वर्द्धित प्रणाली को अपनाया था। फ्रांस में इस कर के मुख्य रूप से कारोबार कर के दोषों को दूर करने तथा निवेशों को प्रोत्साहित करने के लिए लागू किया गया था। पिछले तीन दशकों में तकरीबन 130 से ज्यादा मुल्क वैट को लागू कर चुके हैं। फ्रांस के अतिरिक्त जर्मनी, डेनमार्क, नीदरलैंड, आस्ट्रिया, स्वीडन, यू.के, नार्वे आदि ने लागू किया था।

स्टॉप लॉस
जब हम किसी शेयर को खरीदते है तो उसके ऊपर जाने की संभावना भी होती है और नीचे जाने की आशंका भी रहती है। शेयर अगर नीचे आने लगता है तो वह कितना भी नीचे आ सकता है। इसलिए शेयर खरीदते समय ही इसके स्टॉप लॉस को तय करने की बात कही जाती है। मसलन अगर सौ रूपए का शेयर लिया गया है, तो 95 या 90 रूपए आने पर बेच दिया जाए। नीचे आने पर इसे किस कीमत तक रखना है, यही स्टॉप लॉस है। जानकार मानते हैं कि शेयर खरीदते समय ही स्टॉप लॉस के बारे में तय  कर लेना ज्यादा मुफीद रहता है। यह सुविधा ब्रोकर के कंप्यूटर में मौजूद होती है।

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