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मेडिकल कॉलेज में घुसीं महिलाएं

भूमिधरों को मेडिकल कॉलेज में रोजगार नहीं दिये जाने के विरोध में सोमवार को प्रभावित भूमिधर महिलाओं ने मेडिकल कॉलेज में हंगामा काटा। उन्होंने मेडिकल कॉलेज की कक्षाओं में घुसकर पठन-पाठन ठप करा दिया। महिलाओं ने अरोप लगाया कि आंदोलन को महीनों गुजर जाने के बावजूद मेडिकल कॉलेज प्रशासन एवं सरकार उनकी सुध नहीं ले रहे हैं। तहसीलदार के आश्वासन के बाद ही गुस्साई महिलाएं शांत हुईं।

बीरचंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं आयुर्विज्ञान शोध संस्थान के प्रांगण में एक माह से अधिक समय से धरने पर बैठी स्थानीय भूमिधर महिलाओं ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज में पठन-पाठन ठप करा दिया और जमकर हंगामा काटा। महिलाओं के कक्षाओं में घुसने से वहां पढ़ रहे छात्र- छात्रओं की पढ़ाई भी प्रभावित हुई और काफी देर तक कॉलेज में हंगामे का माहौल रहा।

मेडिकल कॉलेज में हंगामा काटने वाली महिलाओं ने आरोप लगाया कि विगत लम्बे समय से रोजगार की मांग को लेकर आंदोलनरत होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज प्रशासन एवं राज्य सरकार उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस वजह से उन्हें छात्रों का पठन-पाठन प्रभावित करना पड़ा। महिलाओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासन द्वारा कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की जाती है तब तक उनका आदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कार्यवाही नही की गई और स्थानीय भूमिधरों को कॉलेज में नौकरी नहीं दी गई तो महिलाएं मेडिकल कॉलेज में पठन-पाठन पूरी तरह ठप करा देंगी। महिलाओं के हंगामे की सूचना मिलने पर तहसीलदार एसएस राणा मौके पर पहुंचे और उन्होंने आंदोलनरत महिलाओं को समझा-बुझाकर मेडिकल कॉलेज की कक्षाओं से बाहर निकाला।

उन्होंने आंदोलनरत महिलाओं को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में हंगामा करने वालों में संघर्ष समिति की अध्यक्ष सावित्री देवी, बसंती देवी, सुनीता देवी, आरती, परमेश्वरी देवी, बैशाखी देवी आदि शामिल थीं।

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