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नहीं मिलेगा सस्ता राशन

उत्तराखंड को महाकुंभ के लिए सस्ती दरों पर खाद्यान्न नहीं मिलेगा। सस्ते खाद्यान्न की मांग को लेकर केन्द्र सरकार के पास आए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दिवाकर भट्ट को दिल्ली से खाली हाथ लौटना पड़ा। केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने जनसंख्या के आंकड़ें की गड़बड़ी के आधार पर उत्तराखंड द्वारा मांगे गए बैकलॉग को देने से भी मना कर दिया है।

दिवाकर भट्ट ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों के साथ शरद पवार से मिलकर कुम्भ के लिए खाद्यानों की विशेष आपूर्ति व राज्य के नौ साल से पड़े खाद्यान्न के बैकलाग को मुहैया कराने की मांग की। शरद पवार ने उनकी दोनों मांगों को सिरे से खारिज कर दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि वह प्रदेश की जनसंख्या के आंकड़ों के बारे में विभागीय जांच करवायेंगे। केन्द्रीय खाद्य मंत्री के नकारात्मक रुख से बाद भट्ट उखड़ गए और उन्होंने इस मामले पर प्रधानमंत्री से बात करने की बात कही है।

दिवाकर के मुताबिक महाकुंभ में करीब 6 करोड़ लोगों के जुटने की संभावना है जो राज्य की कुल जनसंख्या से करीब सात गुना होगी। इतने लागों के खाने-पीने की व्यवस्था राज्य सरकार को करनी है। ऐसे में केन्द्र का हाथ खड़े करना उचित नहीं है।

ज्ञापन में केन्द्रीय खाद्यमंत्री से मांग की कि मार्च 2000 से अब तक राज्य को 75.85 लाख की जनसंख्या के हिसाब से राशन की आपूर्ति हो रही है जबकि 2001 की जनगणना के अनुसार राज्य की जनसंख्या 84.89 लाख थी। इसलिए राज्य को वास्तविक जनसंख्या के हिसाब में बैकलाग का कोटा रिलीज किया जाये। राज्य की इस मांग पर भी पवार ने कहा कि आखिर इतने लम्बे समय से तक यह मांग क्यों नहीं की गई।

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