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पी-3 गांव कलौंदा पर स्वास्थ्य विभाग हुआ गंभीर

पोलियो के बढ़ते मामलों को लेकर चर्चा में आए दादरी के गांव कलौंदा में बच्चों को दवा पिलाने के अभियान को इस बार स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। बूथ के अलावा भी रविवार को घर घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। जो किसी कारण वश छूट गए उन्हें सोमवार को दवा पिलाई गई।उल्लेखनीय है इस गांव में एक वर्ष में 18 पोलियों के मामले प्रकाश में आए हैं।


कलौंदा गांव में मुस्लिम बाहुल्य मोहल्लों में पोलियो को अभी जड़ से खत्म नहीं किया जा सका है। हाल ही में गांव में पोलियो के आधा दजर्न मामले संज्ञान में आने पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इसे गम्भीरता से लिया है। शोभाराम शर्मा सामुदायिक केन्द्र के प्रभारी चिकित्सक आदित्य पाल सैनी के मुताबिक इस बार बच्चों को दवा पिलाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया, जिसमें एएनएम समेत आंगनबाड़ी व समाजसेवी संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने भी भाग लिया। गांव में करीब आठ सौ बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई है। ग्राम प्रधान पप्पू के मुताबिक इस बार कोई बच्चा दवा पिलाए बगैर नहीं बचा है। कलौंदा निवासी व समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मोहम्मद उमर ने गांव में पोलियो का वायरस खत्म करने में नाकाम रहने के लिए स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने ग्राम प्रधान पर भी आरोप लगाया कि गांव में साफ सफाई नहीं कराई जा रही है। बेहद गंदगी के माहौल में रह रहे बच्चों में पोलियो फैलने की आशंका बनी रहती है।

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