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माली हालत में थमे सड़क निर्माण प्रोजेक्टों से बढ़ी जाम की समस्या

16 लाख आबादी वाले शहर का एक बड़ा हिस्सा इन दिनों जाम की समस्या से दो चार हो रहा है। नौकरी पेशा या फिर कारोबार के लिहाज से सड़कों पर उतरते ही इनको घंटों जाम में फंसना पड़ता है। शहर के कई प्वाइंट तो पुलिस विभाग के लिए भी चुनौती बन चुके हैं। जहां वाहनों का सैलाब थामना मुश्किल हो जाता है। ट्रैफिक कंट्रोल में पुलिस का सहयोग करने पर एक रेहड़ी वाले को पुलिस के डीसीपी भी सम्मानित कर चुके हैं। जिससे साबित होता है कि ट्रैफिक कंट्रोल में आम व्यक्ति के सहयोग की पुलिस कितनी मोहताज है।
ट्रैफिक के बढ़ते घनत्व को देखते हुए नगर निगम ने शहर की रिंग रोड व अंदर की रोड को चार लाइन का करने का प्रोजेक्ट शुरू किया। पांच नंबर चौकी के सामने से शुरू होकर एक रोड डीएवी शताब्दी कालेज के सामने से होकर एनएच एक मार्केट तक पहुंचेगा। इसी प्रकार आदर्श कालोनी एनएच चार से होकर आयशर चौक तक के रिंग रोड को  भी चार लाइन का करने का प्रोजेक्ट शुरू हो चुका। अब आर्थिक तंगी के चलते ठेकदारों ने निर्माण बीच में बंद कर दिया। ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने को शुरू किया। यह प्रोजेक्ट समस्या का सबब बन गया। इन रोडों के इस्तेमाल करके गंतव्य तक पहुंचने वालों ने एनएच-तीन, दो तथा एनआईटी नंबर पांच से बड़खल होकर गुड़गांव जाने वाली सड़क का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। अधिकांश ट्रैफिक का डायवजर्न होने से इन रोडों पर दिनभर जाम की समस्या बनी रहती है। सुबह शाम हालत ज्यादा पतली होती है। दिल्ली जाने वाले या फिर गुड़गांव जाने वाले इन सड़कों से गुजरते हैं। कारोबार या फिर नौकरी पेशे के लिहाज से शहर की आबादी का एक बड़ा हिस्सा गुड़गांव व दिल्ली रोजाना आता जाता है। जिनको जाम में फंसने पर कई बार देर हो जाती है। ठेकेदारों को भुगतान न होने से कम रुके।
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जाम के लिहाज से संवेदनशील चौक

-एनआईटी नंबर तीन व एनआईटी नंबर दो का चौक
-नगर निगम सभागार के सामने होकर सैनिक कालोनी होकर गुड़गांव जाने वाली सड़क
-बड़खल ङील से सैनिक कालोनी के सामने गुड़गांव मोड़ तक जाने वाली सड़क
-चिमनी बाई धर्मशाला चौक
-हार्डवेयर चौक
-एनएच-दो व एनएच-एक मार्केट चौक
-सैनिक कालोनी-एनआईएफएम चौक
-नीलम चौक
-बीके चौक
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रुके प्रोजेक्ट
-आदर्श कालोनी से आयशर चौक तक सात किलोमीटर का प्रोजेट की लागत 12 करोड़ है। यह करीब पांच प्रतिशत काम हुआ है।
-चिमनी बाई से तिकोना पार्क की करीब सात किलेामीटर लंबाई। लागत नौ करोड़। काम 20 फीसदी हुआ
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निगम के ज्वाइंट कमिश्नर एमके सोलंकी: रुके हुए कार्यों की समीक्षा की जा रही है। लंबित कार्यो को शुरू किया जाएगा। खासतौर से सड़कों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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  • Web Title: थमे सड़क निर्माण प्रोजेक्टों से बढ़ी जाम की समस्या