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प्राकृतिक हंतक कोशिका की कार्यक्षमता बढ़ाने में सफलता

‘नासा’ के पूर्व वैज्ञानिक व ह्यूस्टन (टेक्सास) में माइक्रोबायोलाजी के प्रोफेसर डॉ. सरोज मिश्र ने अपने शोध के जरिये मानव के शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्राकृतिक हंतक कोशिका (नेचुरल किलर सेल) की कार्यक्षमता बढ़ाने में सफलता पायी है। इस सेल के मजबूत होने से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों को पैदा करने वाले सेल को मारने में मदद मिलेगी और मनुष्य को अवसाद जैसी बीमारियों से निजात मिल सकेगी।

जनपद के बख्शा क्षेत्र के चुरावनपुर के मूल निवासी डॉ. सरोज मिश्र पिछले चार दशक से अमेरिका में हैं। 12 वर्षो तक नासा में रहकर उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन में इनवायरन्मेंटल हेल्थ सिस्टम के लिए ‘मीर मिशन’ के रूप में कार्य किया है। सोमवार को वह अपने पैतृक गांव पहुंचे।

‘हिन्दुस्तान’ के साथ बातचीत में डॉ. सरोज मिश्र ने बताया कि, खून में लाल व सफेद रक्त कणिकाएं होती हैं। लाल रक्त (आरबीसी) शरीर को ऑक्सीजन पहुंचाता है और सफेद रक्त (डब्ल्यूबीसी) रोग प्रतिरोधक क्षमता को नियंत्रित करता है। डब्ल्यूबीसी में पाये जाने वाले लिम्फोसाइट्स सेल तथा नेचुरल किलर सेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नेचुरल किलर सेल शरीर में 24 घंटे खून के साथ दौड़ रहे कैंसर बनाने वाले सेल को मारता रहता है। जब नेचुरल किलर सेल अपना कार्य बंद कर देता है, तो मानव के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है।

डॉ. मिश्र ने बताया कि, नेचुरल किलर सेल बहुत ही संवेदनशील होती है। इसकी कार्य क्षमता को आसानी से घटाया और बढ़ाया जा सकता है। वह वर्ष 1984 से रोग प्रतिरोधी विज्ञान में कार्य कर रहे हैं तथा नेचुरल किलर सेल को बढ़ाने पर उनका शोध कार्य चल रहा है।

उन्होंने बताया कि, शोध के दौरान यह देखने को मिला है कि, जो व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार हुआ, उसमें नेचुरल किलर सेल की क्षमता घट जाती है। वह तमाम तरह की बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है और मौत नजदीक हो जाती है।

उन्होंने बताया कि, चार वर्षो में तमाम तरह के प्रयोग किये गये, जिनसे नेचुरल किलर सेल की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिली है। इसके लिए ह्यूस्टन (टेक्सास) में वालेन्टियर्स को इकट्ठा कर चार रात तक उनकें सोने पर पाबंदी लगा दी गयी और रिजल्ट यह रहा कि 70 फीसदी नेचुरल किलर सेल की क्षमता घट गयी। जब उन्हीं वालेन्टियरों को दो दिनों तक एक हाल में रखकर चार्ली चैपलिन जैसे हास्य कलाकार की फिल्में दिखायी गयीं, जो हंसी से सरोबार थीं, तो उनके शरीर में नेचुरल किलर सेल की क्षमता 80 फीसदी बढ़ गयी।

उन्होंने बताया कि, इसके लिए तीन अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन भी किये गये। अगला सम्मेलन दिल्ली में करने की योजना है। उन्होंने बताया कि, शराब के अधिक सेवन से नेचुरल किलर सेल की क्षमता में कमी आती है और अनार का जूस लेने से इसकी क्षमता बढ़ती है। यदि मानव को स्वस्थ रहना है, तो उसे तनाव मुक्त होना होगा और मानसिक आघात जैसी घटनाओं से परहेज करना होगा तथा अपनी खराब दिनचर्या बदलनी होगी। 

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  • Web Title:प्राकृतिक हंतक कोशिका की कार्यक्षमता बढ़ाने में सफलता