class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सुरक्षा के नहीं है इंतजाम गाजियाबाद अस्पताल में अभी तक

महिला अस्पताल के लेबर रूम से नवजात बच्चों को गायब हुए 19 दिन हो गए मगर ना तो बच्चों का कुछ अता-पता है और ना ही इस मामले के बाद अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। अभी भी विजिटिंग आवर में लोग बेधड़क लेबर रूम में आ-जा रहे हैं।


परेशानी यह है कि लेबर रूम में निगरानी के लिए सीसी टीवी कैमरे नहीं लगाए जा सकते। क्योंकि ऐसा करने पर वहां भर्ती महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। दूसरा रास्ता अस्पताल में महिला पुलिस कर्मियों की डय़ूटी अस्पताल में लगाना। अगर अस्पताल में पुलिस की डय़ूटी लगाई जाती है तो भी कम से कम उन्हें 12पुलिस वाले चाहिए होंगे। क्योंकि एक बार अस्पताल में कम से कम तीन लोगों को डय़ूटी करनी होगी। ऐसे में दिन में नौ कर्मी तो चाहिए ही उसके अलावा इमरजेंसी आदि के लिए और किसी के छुट्टी पर जाने की स्थिति में भी कुछ स्टाफ की जरूरत पड़ेगी।


अस्पताल की सीनियर डॉक्टर का कहना है कि विजिटिंग आवर में लोग इतने ज्यादा होते हैं कि हम उन्हें चेक नहीं कर सकते हैं। दूसरा अगर हम उन्हें चेक भी करना चाहें तो कम से कम दो स्टाफ की डय़ूटी वहां लगानी होगी। इसके लिए हमें किसी काम को रोकना होगा क्योंकि हमारे पास स्टाफ की वैसे ही बहुत किल्लत है।


सीएमएस मंजू लता सचान का कहना है कि हम लेबर रूम में सीसी टीवी कैमरे लगाने के लिए नहीं कह सकते हैं क्योंकि लेबर रूम में औरतें किसी भी अवस्था में होती हैं। कई बार उन्होंने पूरे कपड़े भी नहीं पहने होते हें ऐसे में वहां कैमरे नहीं लगाए जा सकते। मगर इस मामले के बाद सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रशासन को कम से कम 12 महिला पुलिस कर्मी हमें देना होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सुरक्षा के नहीं है इंतजाम अस्पताल में अभी तक