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प्रख्यात साहित्यकार उमानाथ झा का निधन

प्रख्यात साहित्यकार, कथाकार और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. उमानाथ झा का सोमवार को उनके निवास पर निधन हो गया। वह 98 वर्ष के थे।

डॉ. झा के पारिवारी जनों ने बताया कि वह पिछले दो सप्ताह से बीमार थे। उनके परिवार में पत्नी, चार पुत्र और तीन पुत्रियां है। वर्ष 1923 में मधुबनी जिला के महरैल गांव में जन्मे डॉ. झा वर्ष 1981 से 1983 तक ललित नारायण मिथिल विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। उन्होंने मैथिली भाषा में पांच और अंग्रेजी में एक ग्रंथ लिखा है।

डॉ. उमानाथ को उनकी मैथिली कथा संग्रह 'अतीत' के लिए वर्ष 1987 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। उनके द्वारा रचित पुस्तकों में 'रेखाचित्र' (1951), 'श्री अरविन्दो अनुवाद' (1982), 'किम अधिकम' (2006), 'बीतल दिन और बिसरल लोग' (2007) एवं 'अतीत' (1984) प्रमुख हैं।

उनका अंतिम संस्कार सोमवार की शाम को बागमती नदी के किनारे सती स्थान पर किया गया। उनके निधन पर सांसद कीर्ति झा आजाद, विधान पार्षद डॉ. विनोद कुमार चौधरी, पूर्व विधायक डॉ. मदन मोहन झा, सहित्य अकादमी के सदस्य एवं वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. भीमनाथ झा, डॉ. सुरेश्वर झा समेत कई साहित्यकार और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

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