DA Image
26 अक्तूबर, 2020|12:03|IST

अगली स्टोरी

बैंकों के विलय में हस्तक्षेप करने की मंशा नहीं: प्रणव

बैंकों के विलय में हस्तक्षेप करने की मंशा नहीं: प्रणव

सरकार ने सोमवार को कहा कि निर्धारित मानदंडों के भीतर बैंकों के आपस में विलय और उनके सामान्य तथा वाणिज्यिक कार्य में हस्तक्षेप की उसकी कोई मंशा नहीं है।

वित्त मंत्र प्रणव मुखर्जी ने लोकसभा में भाकपा के गुरुदास दासगुप्ता द्वारा इस विषय पर पेश ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और उनके सवालों के जवाब में कहा कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण होने से पहले और बाद में भी बैंकों के बीच विलय होता आ रहा है। सरकार का इस प्रक्रिया को रोकने का कोई इरादा नहीं है।

प्रणव ने कहा कि बैंकों में बीच विलय सरकार के निर्देश पर नहीं होते। यह बैंकों के खुद के फैसले होते हैं। सरकार का काम केवल यह देखना है कि ऐसे विलय निर्धारित मानदंडों के अंतर्गत हों। सरकार यह ख्याल भी रखती है कि विलय होने पर संबंधित बैंकों के शेयरधारकों, कर्मचारियों और ग्राहकों के हितों पर किसी तरह की आंच नहीं आने पाए।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:बैंकों के विलय में हस्तक्षेप करने की मंशा नहीं: प्रणव