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जागते हैं बदमाश, सोती है पुलिस

शहर में लूटपाट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, बावजूद आपकी सेवा में सदैव तत्पर का वादा करने वाली हाईटेक पुलिस सो रही है। इसका जीता जागता उदाहरण शनिवार की रात देखने को मिला। रात करीब पौने ग्यारह बजे चार बदमाशों ने सेक्टर 12-22 सब्जी मार्केट से एक व्यापारी की पिटाई कर उसकी वैगनआर कार लूट ले गये। सूचना पर पहुंचे एसएसपी एके सिंह ने जनपद की सीमाओं, चेक पोस्टों और चौकियों पर बैरीगेट लगाकर सख्ती से चेकिंग करने का निर्देश दिया लेकिन निर्देश का न तो एसएचओ पर पड़ा और न ही चौकी प्रभारियों पर। शहर के अधिकांश चौकियों और चेकपोस्टों से पुलिसकर्मी गायब रहे। यही नहीं दिन में चौकियों से पुलिसकर्मी नदारत थे। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम पब्लिक के लिए पुलिस कितनी मुस्तैद है। व्यापारी से हुई लूट की घटना के बाद रात करीब 11.30 से एक बजे तक हिन्दुस्तान टीम ने शहर का जायजा लिया तो बार्डर से लगे सभी चौकियों से पुलिस गायब दिखी।

रात में जहां से गायब रही पुलिस-
* गोल चक्कर से अशोक नगर
* सेक्टर 6 चौकी
* सेक्टर 11, झुंडपुरा
* हरिदर्शन चौकी
* नोएडा एंट्रीगेट
* सेक्टर 71 चौराहा
* मॉडल टाउन
* एनआईबी
* ओखला बैराज

क्या है अपराध का तरीका- लूट की घटनाओं को अंजाम देनेवाले बदमाश कभी कार पर सवार होते हैं, कभी बाइक पर अथवा ज्यादातर पैदल होते हैं। उनकी संख्या कम से कम तीन- चार होती है। सूनसान स्थानों पर खड़ी गाड़ियों को वाच करते हैं और फिर मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे देते हैं। बदमाश उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो कार में किसी एक महिला के साथ अथवा अकेले होते हैं।

हर बार होता है नये गैंग का हाथ- नोएडा में लूटपाट की घटना को अंजाम देने वाले किसी एक गैंग का हाथ नहीं होता। हरबार नया गैंग सामने आता है। ज्यादातर बदमाश दिल्ली,गाजियाबाद, दादरी, मेरठ समेत अन्य पश्चिमी जनपदों के होते हैं। बदमाशों को इस बात की जानकारी होती है कि पुलिस की होने वाली रूटीन चेकिंग सिर्फ चालान काटने तक ही सीमित होती है। इसी का फायदा बदमाश उठाते हैं।

क्या है पुलिस का रोल- कहने को तो आला अफसरों के निर्देश पर प्रतिदिन शाम चार से 10 बजे तक नियमित चेकिंग की जाती है,लेिकन चेकिंग के नाम पर महज खानापूर्ति की जाती है। किसी भी वाहन चालक को रोककर न तोउनकी तलाशी ली जाती है और न ही गाड़ियों की प्रॉपर तरीके से जांच की जाती है। चेकिंग करने वाला दरोगा 10-12 गाड़ियों का चालान कर खानापूर्ति कर लेता है। लेपर्ड और चेतक गाड़ियां साइड में लगकर अपने दूसरे शिकार की तलाश में लगी रहती हैं।

रात में हुई कार लूट की प्रमुख घटनाएं-
* 2 सितम्बर- सेक्टर 12-22 पर चालक जोगिन्दर को बंधक बनाकर कैब लूटी
* 10 सितम्बर- ममूरा से चालक रविंदर को बंधक बना सूमो लूटा
* 13 सितम्बर- चालक मनीष को बंधक बना रजनीगंधा से इंडिका लूटी
* 17 सितम्बर- सेक्टर 125 से चालक रामू को बंधक बना कार लूटी
* 19 सितम्बर- सेक्टर 58 से चालक सोमेश को बंधक बना इंडिका कार लूटी
* 29 सितम्बर- दिल्ली निवासी अर्पिता कौर के चालक को बंधक बना इनोवा लूटी
* 2 अक्टूबर- सेक्टर 71 निवासी मुन्ना गिरी की सफारी लूटी
* 15 अक्टूबर- दिल्ली निवासी चालक को बंधक बना सेक्टर 56 से कार लूटी
* 23 अक्टूबर- चालक अनिल को बंधक बना कार लूटी
* 30 अक्टूबर- आलोक त्यागी से निठारी केपास से होंडा सिटी कार लूटी
* 4 नवम्बर-व्यापारी यशपाल विज से सेक्टर 37 से होंडा सिटी कार लूटी
* 23 नवम्बर- सेक्टर 51 निवासी शशि कुमार से सेक्टर 12-22 से कार लूटी
* 4 दिसम्बर- सेक्टर 125 के पास से ट्रैक्टरों से लदा ट्राला लूटा
* 4 दिसम्बर- चालक राजेश से सेक्टर 10 के पास से इनोवा लूटी

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