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पेयजल योजना में देरी पर अभियंता का घेराव

कोटेश्वर-झंडीधार पेयजल योजना के निर्माण में हो रही देरी से  आक्रोशित ग्रामीणों ने जल निगम के अधिशासी अभियंता का घेराव किया।  क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने योजना का काम तत्काल शुरू किये जाने की मांग की। पौड़ीखाल विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह रावत ने मांगे न माने जाने पर 6 जनवरी को ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।


पौड़ीखाल क्षेत्र के  54 गांवों के लिए जून 2005 में 9 करोड़ 70 लाख लागत की कोटेश्वर-झंडीधार पेयजल योजना मंजूर की गई थी। इसके लिए 50 लाख की राशि जारी की गई थी। लंबे समय तक धन की कमी से योजना आगे नहीं बढ़ पाई।


19 फरवरी 09 को नई टिहरी दौरे में पहुंचे तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी ने इस योजना हेतु 5 करोड़ की मंजूरी की थी। जिसमें से ढाई करोड़ अवमुक्त भी हुआ, लेकिन जल निगम की निर्माण शाखा देवप्रयाग ने पिछले 8 महीनों में उक्त राशि से कोई काम नहीं किया।


 जिला पंचायत सदस्य कृष्णकांत कोटियाल के अनुसार इस मामले में जब जल निगम के एमडी भगत सिंह से वार्ता की गई तो उन्होंने भी माना कि अवमुक्त राशि का अभी उपयेाग नहीं हो पाया है।
उल्लेखनीय है पौड़ीखाल क्षेत्र में टैंकरो के जरिये जलापूर्ति की जा रही है। रविवार को प्रभारी अधिशासी अभिंयता मौर्य जैसे ही पौड़ीखाल पहुंचे वैसे ही आक्रोशित ग्रामीणों ने उनका घेराव कर दिया। उन्होंने तीन दिन के भीतर योजना का काम शुरू करने की बात कही।


पौड़ीखाल विकास संघर्ष समिति द्वारा एक ज्ञापन भी पेयजल मंत्री प्रकाश पंत को भेजा गया। जिसमें कोटेश्वर-झंडीधार पेयजल योजना का कार्य तत्काल शुरू किये जाने, कार्यस्थल से गायब रहने वाले सहायक अभियंता का तबादला करने व एक महीने के भीतर देवप्रयाग में स्थाई अधिशासी अभियंता की नियुक्ति किये जाने की मांग की गई।
घेराव करने वालों में समिति के सचिव दुर्गा प्रसाद डंगवाल, कोषाध्यक्ष जगत राम रतूड़ी, उपाध्यक्ष हरपाल बिष्ट, ग्राम पंचायत स्यूटा गुलाब सिंह नेगी आदि प्रमुख थे।

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  • Web Title:पेयजल योजना में देरी पर अभियंता का घेराव