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विदेशी ताकतों के साथ गठजोड़ का पर्दाफाश हो: माले

भाकपा माले ने कहा है कि देसी सांप्रदायिक शक्तियों का विदेशी साम्राज्यवादी ताकतों के साथ गठजोड़ को पर्दाफाश करना होगा। बाबरी मस्जिद विध्वंस की जांच करने वाले लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट एक आइना है जिसमें देश के सांप्रदायिक शक्तियों का काला चेहरा दिखाई पड़ रहा है। माले के प्रदेश स्तरीय नेता सेकुलर मार्च को संबोधित कर रहे थे। बाबरी मस्जिद विध्वंस की 17 वीं बरसी पर माले ने राजधानी के साथ ही सभी जिला मुख्यालयों में सेकुलर मार्च निकाला।


प्रदेश अध्यक्ष नन्दकिशोर प्रसाद ने कहा कि केन्द्र सरकार को बाबरी मस्जिद विध्वंस के दोषियों को तुरंत सजा देनी चाहिए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बेनकाब हो गये सांप्रदायिक ताकतों से अब नाता तोड़ लेना चाहिए। उन्हें भागलपुर दंगा के दोषियों को भी कड़ी सजा देनी चाहिए। इसके पूर्व माले के प्रदेश अध्यक्ष नन्दकिशोर प्रसाद, पोलित ब्यूरो सदस्य रामजतन शर्मा और रामजी राय, केन्द्रीय कमेटी के सदस्य सरोज चौबे और कुणाल, ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी और समाज सेविका सुधा वर्गीज के नेतृत्व में कई नेता और कार्यकर्ता गांधी मैदान में जुटे और नारे लिखी तख्तियां ले सेकुलर मार्च के लिए निकल पड़े।  मार्च में इनौस के महासचिव कमलेश शर्मा, ऐपवा की नेता अनिता सिन्हा, विधायक नन्द कुमार नंदा, आइसा नेता कुमार परवेज और राहुल, तोता चौधरी और प्रो. संतोष कुमार भी शामिल थे।


सीवान में विधायक अमरनाथ यादव, बिहारशरीफ में पवन शर्मा और सुरेन्द्र राम, आरा में अमर, मुजफ्फरपुर में कृष्णमोहन और स्वाधीन दास, गया में गणेश दास, बेगूसराय में दिवाकर कुमार, भागलपुर में एसके शर्मा, दरभंगा में बैद्यनाथ यादव और आरके साहनी, मनेर में पूर्व सांसद रामेश्वर प्रसाद, पालीगंज में विद्यानन्द बिहारी, मसौढ़ी में नागेश्वर पासवान और विक्रम में बुचाई पासवान के नेतृत्व में भी पार्टी ने सेकुलर मार्च निकाला।

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