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26 मई, 2020|6:30|IST

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बुद्धिजीवी और विधायक उतरे डाक्टरों के समर्थन में

डाक्टरों के समर्थन में प्रदेश के कई बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता सामने आ गये हैं। डाक्टरों ने अपनी सुरक्षा को लेकर 18 दिसम्बर को महारैली निकालने की घोषणा की है। डाक्टरों के इस आंदोलन को जायज ठहराने वालों में पूर्व केन्द्रीय मंत्री पद्मश्री डा. सीपी ठाकुर, पद्मश्री डा. गोपाल प्रसाद सिन्हा, कॉमनवेल्थ मेडिकल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डा. अजय कुमार, विधायक डा. आरआर कनौजिया, विधायक डा. विनोद यादव, बिहार पेंशनर समाज के अध्यक्ष डा. आईसी कुमार, रिटायर्ड जनरल के एन सिंह और रिटायर्ड आईजी एनपी सहाय शामिल हैं।


डा. ठाकुर ने कहा कि डाक्टरों पर हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। जनहित में राज्य सरकार को डाक्टरों की सुरक्षा के लिए कानून बनाना चाहिए। डा. सिन्हा ने कहा कि डाक्टर को भगवान मानने वाले अब उनसे रंगदारी मांगते हैं। असामाजिक तत्वों से डाक्टर भयाक्रांत हैं। गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा के लिए डाक्टरों की सुरक्षा के लिए नये कानून की जरुरत है। डा. अजय कुमार ने कहा कि सरकार अक्खड़पन छोड़े और डाक्टरों की जायज मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करे। डाक्टरों के आंदोलन से उत्पन्न परिस्थिति का दोष सरकार पर ही जाएगा।


विधायक डा. कनौजिया ने कहा कि डाक्टरों के साथ हिंसक घटनाएं ही नहीं उन्हें कई तरह से परेशान किया जा रहा है। उनकी रक्षा के लिए प्रोफेशनल प्रोटेक्शन एक्ट का लागू होना जरुरी है। विधायक डा. यादव ने कहा कि हिंसक घटनाओं के पीछे डाक्टरों से पैसा वसूली और ब्लैकमेलिंग की मंशा रहती है। ऐसे अराजक तत्वों पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षा कानून अत्यंत ही जरुरी है। डा. कुमार ने कहा कि भयमुक्त चिकित सेवा के लिए नये कानून का निर्माण होना ही चाहिए। जनरल सिंह ने कहा कि जीवन-मृत्यु के बीच महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले डाक्टरों की रक्षा के लिए विशेष कानून बनना ही चाहिए। श्री सहाय ने कहा कि डाक्टर विशिष्ट नागरिक है और उनके लिए सरकार विशिष्ट कानून का निर्माण शीघ्र करे।

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