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स्वर्गवासी भी उठा रहे अनाज

 स्वर्गवासियों को भी मिल रहा है अन्नपूर्णा योजना का लाभ! इस योजना के तहत वृद्धावस्था पेंशन से वंचित लोगों को प्रत्येक माह दस-दस किलो अनाज दिया जाता है। हाल ही में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में पता चला कि कई जिलों में पुरानी सूची से ही काम चल रहा है जबकि कहीं-कहीं पर सूची से नाम हटाये तो गये हैं लेकिन नये नाम नहीं जोड़े गये। इसी आधार पर विभाग ने सभी जिलों को मृत लाभुकों का नाम हटाकर नये लोगों का नाम शामिल करने का आदेश दिया है। 


गौरतलब है कि अन्नपूर्णा योजना में प्रत्येक वर्ष 20 प्रतिशत नये लाभार्थियों को शामिल करना है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पिछले वर्ष अगस्त में ही सभी जिलों को लाभार्थियों की सूची में नये नाम शामिल कर लेने का आदेश दिया था। इसके बावजूद जिलों ने अपना काम नहीं किया। सचिव ने अधिकारियों को साफ- साफ शब्दों में समझा दिया कि मृत लाभार्थियों के सथान पर नये लोगों का चयन हो जाना चाहिए। सभी जिलाधिकारियों से भी उक्त योजना पर कड़ी चौकसी रखने को कहा गया है। जिला स्तर पर अन्नपूर्णा योजना के कार्यान्वयन के लिए डीएम नोडल पदाधिकारी होते हैं।  


  इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन पाने की योग्यता रखने के बावजूद पेंशन से वंचित 1,66,600 अनाश्रय वृद्धों को प्रति माह 6 किलोग्राम गेहूं और 4 किलोग्राम चावल मुफ्त दिया जाता है। सरकार ने जिलों को हरेक माह 9710 टन गेहूं और 6473 टन चावल के हिसाब से अगले वर्ष मार्च तक के अनाज का आवंटन कर दिया गया है। साथ ही भारतीय खाद्य निगम को भी 4.79 करोड़ रुपये एडवांस भुगतान कर दिया गया है।

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