class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मनमोहन मॉस्को पहुंचे, भव्य स्वागत

मनमोहन मॉस्को पहुंचे, भव्य स्वागत

द्विपक्षीय सामरिक संबंधों को मजबूती प्रदान करने के मकसद से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपनी तीन दिवसीय रूस यात्रा पर रविवार को यहां पहुंच गए जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। उनकी इस यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच असैन्य परमाणु सहयोग पर समझौते के प्रारूप तथा तीन रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

रूसी प्रोटोकॉल के मुताबिक वीवीआईपी नुकोवो 2 हवाईअड्डे पर प्रधानमंत्री की अगवानी प्रथम उप विदेश मंत्री एंद्रेई देनिस्कोव और अन्य सरकारी अधिकारियों ने की, जहां उनका भव्य स्वागत किया। प्रधानमंत्री के छठे रूस दौरे में उनका स्वागत करने के लिए रूस में भारतीय राजदूत प्रभात प्रकाश शुक्ला और वरिष्ठ भारतीय राजनयिक भी मौजूद थे।

सिंह अपनी रूस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव के साथ सोमवार को वार्षिक द्विपक्षीय शिखर बैठक में द्विपक्षीय सहयोग की स्थिति की समीक्षा करेंगे जिसमें रक्षा, असैन्य परमाणु उर्जा, अंतरिक्ष तथा हाइड्रोकार्बन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।

मॉस्को के लिए रवाना होने से पूर्व मनमोहन सिंह ने नई दिल्ली में कहा कि रूस के साथ हमारी सामरिक भागीदारी को आगे बढ़ाने के लिए वार्षिक शिखर बैठक एक प्रमुख प्रणाली है। यह दीर्घकालिक मित्रता, गहरे आपसी विश्वास तथा हितों के मजबूत विलय की ठोस आधारशिला पर टिकी भागीदारी है।

प्रधानमंत्री की रूस यात्रा को यहां द्विपक्षीय संबंधों में जबरदस्त सफलता वाला दौरा माना जा रहा है क्योंकि मेदवेदेव और रूस के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी शिखरवार्ता में 21वीं सदी के सहयोग के लिए ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा, जिसमें प्रमुख तौर पर परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष एवं रक्षा सरीखे ज्ञान आधारित और उच्च तकनीक वाले क्षेत्र शामिल हैं।

रूसी राष्ट्रपति मेदवेदेव रविवार रात मॉस्को के बाहर बरविखा में अपने आवास पर सिंह दंपति के लिए एक निजी रात्रिभोज देंगे। इससे पहले यह सम्मान केवल अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को दिया गया था। क्रेमलिन के सूत्र के अनुसार मेदवेदेव और सिंह के निजी रात्रिभोज के दौरान परमाणु और परंपरागत ऊर्जा सहित कई मुद्दों पर अनौपचारिक बातचीत होने की संभावना है।

मॉस्को रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री सिंह ने इस बात को रेखांकित किया कि इतने सालों में भारत और रूस के बीच बहुपक्षीय सहयोग संयुक्त प्रयासों के जरिए बहुत अधिक गहराई और परिपक्वता हासिल कर चुका है। उन्होंने कहा कि हम इन संबंधों में और मजबूती चाहते हैं।

रक्षा क्षेत्र में अपने गहराते सहयोग का परिचय देते हुए दोनों देश इस क्षेत्र में तीन समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे जिनमें से एक रूसी सैन्य उपकरणों की सर्विसिंग की अस्थायी व्यवस्था को समाप्त करने से जुड़ा है। भारत को इस दौरान असैन्य परमाणु क्षेत्र में सहयोग के लिए एक अंतर सरकारी प्रारूप करार पर भी हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। शिखरवार्ता स्तर की बातचीत के दौरान एजेंडा में आतंकवाद निरोधी सख्त कदम, असैन्य परमाणु संबंधों का विस्तार, रक्षा सहयोग और सुस्त पड़े द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूती प्रदान करना शीर्ष पर होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मनमोहन मॉस्को पहुंचे, भव्य स्वागत