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भिक्षुक गृह का निरीक्षण करने पहुंचे उपजिलाधिकारी

पिछले हफ्ते भिक्षुक गृह में दो कैदियों की मौत के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। शनिवार को एसडीएम भिक्षुक गृह के हालातों की जानकारी लेने पहुंचे। भिक्षुक गृह की व्यवस्थाएं देख कर वे दंग रह गये।
एसडीएम शिव शंकर गोस्वामी ने बताया कि भिक्षुक गृह में तादाद से ज्यादा कैदियों को रखा गया है। उन्होंने बताया कि कैदियों के पास ओढ़ने के लिए कंबल भी नहीं है। खाने-पीने के लिए राशन भी नहीं है। कदियों के लिए नहाने और कपड़े धोने के लिए साबुन, तेल और फिनायल की कोई व्यवस्था नहीं है। कैदियों को लेटने के लिए दरी भी नहीं है। ठंड में फर्श पर ही कैदियों को रखा जा रहा है।


उन्होंने बताया कि व्यवस्था सुधारने के लिए समाज कल्याण विभाग को कड़े निर्देश दिये गये है। कैदियों की नियमिति जांच के लिए चिकित्सा विभाग को निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवी संस्थाओं को भिक्षुक गृह के लिए कंबल और राशन देने के लिए कहा गया है। भिक्षुक गृह में कैदियों के लिए अलाव की व्यवस्था करवायी जा रही है। लकड़ी और कोयले का प्रबंध करवाया जा रहा है। कैदियों के लिए एक क्विंटल गेहूं, चावल और दाल की तात्कालिक व्यवस्था की गयी है।  उन्होंने बताया कि कैदियों की समुचित देखरेख के लिए जेल प्रशासन को निर्देश भी दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि भिक्षुक गृह के बीमार पांच कैदियों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जिनका इलाज चल रहा है। भिक्षुक गृह में इस समय 284 कैदी रखे गये हैं जिनमें 39 महिलाएं भी शामिल हैं। भिक्षुक गृह की क्षमता मात्र 150 कैदियों की है। उन्होंने बताया कि भिक्षुक गृह के हालातों की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को सौंपी जायेगी।

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