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निवेश पर ईपीएफओ ने महत्वपूर्ण फैसलों को टाला

निवेश पर ईपीएफओ ने महत्वपूर्ण फैसलों को टाला

सेवानिवृत्ति कोष का प्रबंधन करने वाले कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने 2.57 लाख करोड़ रुपये के कोष की तीन से पांच प्रतिशत राशि के शेयर बाजार में निवेश करने से संबंधित फैसला टाल दिया है।

ईपीएफओ के निर्णय लेने वाली संस्था केंद्रीय ट्रस्टी बोर्ड (सीबीटी) ने इस बारे में निर्णय फिलहाल टाल दिया है। इसके साथ ही बोर्ड ने नियोक्ताओं द्वारा अनिवार्य कटौती के लिए न्यूनतम वेतन की सीमा को बढ़ाकर 15000 रुपये करने के बारे में फैसला भी अगली बैठक तक टाल दिया है। फिलहाल यह सीमा 6500 रुपये मासिक है।

सीबीटी के प्रमुख श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि हमने अभी सीबीटी की अगली बैठक के बारे में तय नहीं किया है लेकिन इतना निश्चित है कि हम अगले दो-तीन माह के दौरान बाकी मुद्दों पर विचार के लिए दोबारा बैठक करेंगे।

ईपीएफओ द्वारा 10 साल से अधिक की परिपक्वता अवधि वाले सरकार समर्थित बांडस की द्वितीयक बाजार से खरीद के बारे में भी ट्रस्टियों ने फैसला टाल दिया है। खड़गे ने कहा कि चूंकि सदस्य ईपीएफओ द्वारा शेयर बाजार में निवेश, बांड की खरीद तथा न्यूनतम वेतन की सीमा बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा करना चाहते थे, इसलिए इन विषयों पर फैसला टाल दिया गया है।

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  • Web Title:निवेश पर ईपीएफओ ने महत्वपूर्ण फैसलों को टाला