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नक्सलियों का भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ मोर्चा

अरबों रूपए के घपलों-घोटालों तथा जबरदस्त राजनीतिक भ्रष्टाचार के चलते बुरी तरह बदनाम हो चुके झारखंड में चुनावी गहमागहमी के बीच नक्सलियों ने भी अलग अंदाज में भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोला।

पुलिस को सकते में डालते हुए राज्य के सरायकेला खरसावां जिले में नक्सलियों ने बड़ी संख्या में पोस्टर चिपका कर न केवल लोगों से विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की अपील की बल्कि नेताओं को भी प्रत्यक्ष तथा परोक्ष रूप से लताड़ लगाई। नक्सलियों ने खरसावां थाने के ठीक सामने तथा आसपास के कई स्थानों और गांवों को पोस्टरों से पाट दिया। इनमें जनता को धोखा देने वाले नेताओं की भी खूब फजीहत की गई थी।

प्रतिबंधित नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) माओवादी के नाम से चिपकाए पोस्टरों में नेताओं पर व्यंग्य करते हुए पर लिखा था कि 63 साल की आजादी का यही पैगाम वोट देकर जनता है बदनाम। विधानसभा है बूचड़खाना, विधायक सब कसाई, इस सबकी पहचान करो, जन अदालत में होगी सफाई। वोट दिए हम बारंबार हमें मिला है अत्याचार। पुलिस इस क्षेत्र में पहली बार हुई इस तरह की घटना की विस्तृत छानबीन कर रही है। खरसावां विधानसभा क्षेत्र में 18 दिसंबर को पांचवें और अंतिम चरण में मतदान होना है।

राज्य के 24 में से 18 जिले आधिकारिक रूप से माओवाद प्रभावित घोषित हैं। यहां नक्सली हमले में कई नेताओं की मौत भी हो चुकी है। माओवादियों की पैठ विकास से वंचित पिछड़े और जंगली क्षेत्रों में ही अधिक है।

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