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7 जून, 2020|3:31|IST

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आग से ‘तपी’ सरकार

लो-फ्लोर बसों में आग लगने की बढ़ती घटना को देखते हुए बसों की गहन जांच शुरू हो गई है। सरकार ने दिल्ली परिवहन विभाग (डीटीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों को लो-फ्लोर के साथ-साथ स्टैंडर्ड बसों पर भी ध्यान देने का निर्देश दिया है। विभागीय जानकारी के मुताबिक चार दिनों से चलाए जा रहे अभियान में 345 सीएनजी चालित वाहनों को जब्त किया गया है।

गौरतलब है कि गुरुवार को लो-फ्लोर बस में लगी आग ने सरकार की नींद उड़ा दी। दिल्ली सरकार ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है। सरकार को फिलहाल कमेटी के रिपोर्ट का इंतजार है। इस बीच सरकार ने सभी बसों की जांच का आदेश दिया है। खासकर लो-फ्लोर बसों की गहन जांच करने का निर्देश दिया गया है।

लो-फ्लोर बसों के रखरखाव की जिम्मेदारी बस मुहैया कराने वाली कंपनी की है। इसके लिए सरकार रखरखाव के बदले हर महीने प्रति किलोमीटर कमीशन भी कंपनी को दे रही है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक बसों की जांच शुरू हो गई है। डिपो में बसों की हर पहलू से जांच की जा रही है।

नियमित जांच के अलावा स्टेयरिंग, इंजन, सीएनजी किट, टायर, व्हील आदि सभी पर ध्यान दिया जा रहा है जिस बस में आग लगी थी, उस सिरीज नंबर की बसों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उधर, परिवहन विभाग द्वारा पिछले चार दिनों से सीएनजी चालित व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।

विभागीय जानकारी के मुताबिक 98 ब्लू लाइन बस समेत 195 वाहनों को सीएनजी किट में गड़बड़ी की वजह से जब्त किया गया है, जबकि अन्य नियमों के उल्लंघन के मामले में 150 वाहनों को जब्त किया गया है।

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