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आरुषि कांड में फिर टूटी आस

आरुषि मामले में सीबीआई की आखिरी उम्मीद भी टूट गई है। मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट में सीबीआई को कातिल का कोई सुराग नहीं मिला। मोबाल में उसके निजी मैसेज के अलावा कुछ कॉल हैं, जो उसके घर की हैं। इसके अलावा मोबाइल का प्रयोग किसी ने नहीं किया।

सीबीआई ने समय से पहले ही अपनी स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा करा दी है और प्रार्थना की है कि कुछ बातों का ध्यान रख रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। इसके साथ सीबीआई ने जो प्रार्थना पत्र कोर्ट में दिया है उसके अनुसार उनकी कोई भी रिपोर्ट तीन ही अवसरों में मीडिया में लीक हो, साथ ही मीडिया की रिपोर्टिग में भी कुछ पाबदियां हों। सीबीआई के तर्क के अनुसार, किसी नए व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर,चाजर्शीट पेश होने या फिर कोई साक्ष्य मिलने के बाद ही मीडिया में जानकारी सार्वजनिक हो। 

आरुषि केस में सीबीआई ने साक्ष्य मिटाने सहित पुलिस की लापरवाही की बात भी स्वीकारी है। सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट के संबंध में डॉ. सूरत सिंह ने बताया कि 11 दिसम्बर को स्टेटस रिपोर्ट मामले में  सीबीआई को जबाव देना था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने स्टेटस रिपोर्ट जमा कर दी और उसका एक रिमाइन्डर भेज दिया। डॉ. सिंह ने ही आरुषि मामले में रिट डाल सीबीआई की जांच की प्रगति पूछी थी।

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