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30 मई, 2020|9:16|IST

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गाजियाबाद के छात्र होंगे मायूस

बीएड डिग्री धारकों को विशिष्ट बीटीसी में शामिल न करने की मंशा ने हजारों छात्रों की नींद उड़ा दी है। मेरठ और सहारनपुर मंडल में पच्चीस हजार से अधिक छात्र प्रतिवर्ष से फैसले ले प्रभावित होंगे। जिले के चालीस से अधिक बीएड कॉलेज के करीब पांच हजार छात्र इससे परेशान हैं।

शासन बीएड डिग्री धारकों को ंिवशिष्ट बीटीसी की लाइन से आउट करने वाला है। इससे हजारों छात्र परेशान होंगे। विशिष्ट बीटीसी के चलते वेस्ट यूपी में बीएड कॉलेजो की बाढ़ आ गई। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से 216 बीएड कॉलेज संबद्ध हैं। इनमे पच्चीस हजार से अधिक छात्र-छात्र पढ़ रहे हैं। सबका सपना बीएड के बाद प्राइमरी स्कूल में नौकरी पाना है।

इसके लिए फीस के साथ-साथ मोटी डोनेशन भी चुकाई गई है। लाखों रुपए खर्च कर चुके छात्र इस फैसले से परेशान हैं। बीएड कॉलेज संचालक पूरे मामले पर कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं, लेकिन साफ है कि इससे कॉलेजों में प्रवेश प्रभावित होगा।

बीएड करने वाली प्रीति कहती हैं कि विशिष्ट बीटीसी में शामिल न करने से बीएड करने क्या लाभ? प्राइमरी टीचर्स की जाब के लिए ही उन्होंने बीएड किया था। कुछ यही कहना बीएड कर रहे पीयूष का है। सभी सरकारी मंशा से परेशान हैं।

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