class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गर्भवर्ती महिलाएं आलस भगाने को चबाती हैं तंबाकू

गर्भवर्ती महिलाएं आलस भगाने को चबाती हैं तंबाकू

कंबोडिया में गर्भवती महिलाएं सुबह आलस भगाने के लिए अक्सर तंबाकू चबाती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस जानकारी के बाद आगाह किया है कि ऐसा करना जच्चा-बच्चा दोनों की सेहत के लिए खराब है।

कब्बोडिया में किये गए सर्वेक्षण के अनुसार 48 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में करीब आधे नियमित तौर पर तंबाकू का सेवन करती हैं और पांच ग्रामीण महिलाओं में से एक को यह लत गर्भावस्था के दौरान लगी। संगठन तथा अन्य शोधकर्ताओं द्वारा किए गए सर्वेक्षण से पता लगा कि आयायें सबसे अधिक धुंआ रहित तंबाकू का सेवन करती हैं। उनमें से करीब 68 प्रतिशत को यह लत है।

प्रमुख शोधकर्ता केलिफोर्निया में लोमा लिंडा विश्वविद्यालय के डा़. प्रमिल एन सिंह के अनुसार, बड़ी उम्र के परिजनों से प्रभावित होकर लोग तंबाकू चबाना शुरू कर देते हैं। कम्बोडियाई महिलाए तंबाकू के पत्तों को नींबू और सुपारी के साथ मिलाकर खाती हैं। काफी समय चबाने से उनको मुंह के कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:गर्भवर्ती महिलाएं आलस भगाने को चबाती हैं तंबाकू