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सांप्रदायिक हिंसा विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी

सांप्रदायिक हिंसा विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरूवार को सांप्रदायिक हिंसा रोकने संबंधी विधेयक को हरी झंडी दिखा दी। मंत्रिमंडल ने इसके अलावा मंत्रियों और सांसदों के भत्तों में समानता संबंधी विधेयक को भी अनुमति दे दी।

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पुन: तैयार किए गए सांप्रदायिक हिंसा (रोकथाम, नियंत्रण और पीड़ितों का पुनर्वास) विधेयक को संसद में रखने की अनुमति दे दी गई। सरकार का यह फैसला लिब्रहान आयोग द्वारा बाबरी विध्वंस पर कार्रवाई रिपोर्ट रखने के एक सप्ताह बाद आया है।

वहीं, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को कानून मंत्रालय के एक प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी। प्रस्ताव के तहत 15,000 से ज्यादा न्यायाधीशों की अनुबंध आधार पर नियुक्ति और लंबित मामलों के निपटारे के लिए राष्ट्रीय एरियर्स ग्रिड की स्थापना का भी प्रावधान है।
 
प्रस्ताव में कहा गया है कि अनुबंध के तहत नियुक्त न्यायाधीशों को इस शर्त पर एक लाख एपए प्रति माह वेतन दिया जाएगा कि वे एक साल में कम से कम 2,500 मामले निपटाएंगे। इसके अलावा 15,000 न्यायाधीशों को मुकदमा अदालतों में दो साल के कार्यकाल और तीन पालियों में काम के लिए नियुक्त किया जाएगा।
 
सरकार का एक प्रस्ताव राष्ट्रीय एरियर्स ग्रिड स्थापित करने का भी है, जो लंबित मामलों की संख्या बढ़ने के कारण बताने के अलावा इससे निपटने के उपाय सुझाएगा। सरकार जल्दी ही कानून व्यवस्था में सूचना प्रौद्योगिकी सुधार लागू करने के लिए स्पेशल परपज व्हीकल स्थापित करेगी।

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