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सट्टे का नंबर न बताने पर ले ली जान

सातरोड खास में बुधवार रात तीन अज्ञात युवकों ने सट्टे का नंबर न बताने पर गला दबाकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी। सदर थाना पुलिस ने इस बारे में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि बाबा नाइंटी फोर उर्फ घीसाराम सातरोड खास में परिजनों से अलग रहता था। उसके साथ उसका विकलांग सेवक उत्तर प्रदेश निवासी धर्म्ेद्र रहता था। बाबा और सेवक बुधवार रात सो गए थे।

करीब साढे बारह बजे दरवाजा खटखटाने पर धर्मेद्र ने दरवाजा खोला तो तीन अनजान युवक खड़े थे। उसने बाबा के कहने पर तीनों को अंदर बुला लिया। उसके बाद सेवक ने उन्हें चाय बनाकर दी। चाय पीने के बाद युवकों ने बाबा से सट्टे का नंबर पूछा, जिससे बाबा बिदक गया और उसने युवकों को गाली देनी शुरू कर दी।

इससे युवक तैश में आ गए और उन्होंने विकलांग सेवक धर्मेंद्र को अंदर वाले कमरे में ले जाकर रस्सी से उसके हाथ पीछे की तरफ बांध दिए और परने से मुंह बांधकर चारपाई पर डाल दिया। पुलिस के अनुसार बाद में तीनों युवक बाहर वाले कमरे में आए और परने से बाबा का गला और मुंह दबा दिया जिससे उसकी मौत हो गई।

धर्मेद्र ने बताया कि तीनों की उम्र 25 के करीब है और वह उन्हें देखकर पहचान सकता है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एसएचओ मौजीराम ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घीसाराम का नाम बाबा नाइंटी फोर इसलिए पड़ा था क्योंकि करीब दो दशक पहले सट्टा लगाने वालों को उन्होंने सट्टे का 94 नंबर दिया था जो सही निकला था। उसके बाद से ही इलाके में वह घीसाराम बाबा नाइंटी फोर की नाम से मशहूर हुआ।

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