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पूर्व औषधि-नियंत्रक के परिजनों के खिलाफ वारंट

पटना की एक विशेष अदालत ने गुरुवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल में बंद राज्य के पूर्व औषधि नियंत्रक योगेन्द्र प्रसाद जायसवाल और उनके परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर संज्ञान लिया।

सर्तकता के विशेष न्यायाधीश अजित कुमार सिन्हा ने संज्ञान लेने के बाद मामले में आरोपित जायसवाल के पुत्र डा. कुमार प्रतीक पौत्र डा. मनीष पत्नी सुशीला जायसवाल और दो पुत्रियों निधि कुमारी और प्रीति जायसवाल के खिलाफ गिरफ्तारी का गैर जमानती वारंट भी जारी करने का आदेश दिया।

अदालत ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत सरकारी पद के दुरूपयोग आपराधिक षडयंत्र और दुष्प्रेरित करने के लिए जायसवाल तथा इस मामले में आरोपित उनके पांच नजदीकी रिश्तेदारों के खिलाफ संज्ञान लिया है।

इससे पूर्व कल बिहार राज्य सर्तकता अन्वेषण ब्यूरो की विशेष इकाई ने श्री जायसवाल और उनके पांच परिजनों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। ब्यूरो ने जायसवाल को छह अक्टूबर 2009 को गिरफ्तार किया था और उसके बाद से वह जेल में ही हैं।

आरोप के अनुसार, एक अप्रैल 1988 से 15 अक्तूबर 2007 तक औषधि निरीक्षक और प्रभारी राज्य औषधि नियंत्रक के पद पर रहते हुए जायसवाल ने अपने एवं अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर एक करोड़ 76 लाख 18 हजार 496 रुपए 20 पैसे की संपत्ति अर्जित की थी, जो उनके और उनके परिवार की आय के सभी ज्ञात श्रोतों से अधिक है। मामले की प्राथमिकी जायसवाल के खिलाफ वर्ष 2007 में दर्ज की गई थी।

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  • Web Title:पूर्व औषधि-नियंत्रक के परिजनों के खिलाफ वारंट