class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सांसदो से गुहार लगाएगी राज्य सरकार

राष्ट्रीय उच्चपथों (एनएच) की बदहाली दूर करने के लिए अब राज्य सरकार सांसदों से गुहार लगाएगी। केन्द्र पर दबाव बनाने में विफल राज्य सरकार सांसदों से केन्द्र पर दबाव बनाने का आग्रह करेगी।

पथ निर्माण मंत्री डा. प्रेम कुमार ने प्रदेश से गुजरने वाले एनएच की अद्यतन स्थिति से रू-ब-रू कराते हुए सभी दलों के सांसदों को पत्र लिखने का निर्णय किया है। पत्र में राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में अब तक की गई सारी कार्रवाई को भी स्पष्ट किया जा रहा है। लोकसभा एवं राज्यसभा के सांसदों से गुजारिश की जा रही है कि वे सदन में इन मामलों को प्रमुखता से उठाएं।

राज्य के विकास में अहम स्थान रखने वाले एनएच की बदहाली दूर करने के लिए अब समय आ गया कि सभी दलों के सांसद एकजुट होकर केन्द्र सरकार पर इस ओर कार्रवाई करने के लिए बाध्य करें। सदन में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से पूछें कि बिहार की एनएच की दुर्दशा दूर करने के लिए उनके पास क्या रणनीति है। यह भी सदन में बताया जाए कि एनएच के निर्माण पर ही राज्य का विकास संभव है।

डा. कुमार ने कहा कि सूबे की 1300 किमी सिंगल लेन वाली एनएच को कम से कम डबल लेन में बदलने की जरुरत है। राष्ट्रीय उच्चपथ विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी)-3 के तहत चयनित 1015 किमी एनएच को 4 लेन में बदलने की योजना पिछले चार वर्षों से केन्द्र स्तर पर लम्बित हैं। काफी हो-हल्ला करने के बाद मात्र हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच के फोर लेन निर्माण का रास्ता साफ हुआ है।

ईस्ट-वेस्ट कारिडोर के तहत चयनित 513 किमी एनएच को फोरलेन करने की समय सीमा समाप्त होने को है पर 250 किमी सड़क की निर्माण गति अत्यन्त धीमी है। पीपीपी मोड़ पर महात्मा गांधी सेतु की मरम्मत का प्रस्ताव लटका हुआ है।

राज्य सरकार एनएच की मरम्मत पर अपने बजट से 554 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। केन्द्र इस राशि को देने के संबंध में भी कुछ नहीं कह रहा। ऐसे में अब सदन ही एकमात्र रास्ता बचा है, जिसके मार्फत सूबे के सांसद केन्द्र पर दबाव बना कार्रवाई करा सकते हैं।   

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सांसदो से गुहार लगाएगी राज्य सरकार