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राष्ट्रभाषा के अपमान का मामला वाराणसी कोर्ट में राज ठाकरे के खिलाफ परिवाद दाखिल

आये दिन उत्तर भारतीयों के साथ मारपीट और महाराष्ट्र विधानसभा में हिन्दी में शपथ लेने पर सपा विधायक अबू हाशमी के साथ र्दुव्यहार का मामला वाराणसी की कोर्ट में भी पहुंच गया है। गुरुवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) हर्षवर्धन सिंह की कोर्ट में वरुणा सिंह ने परिवाद दाखिल कर राज ठाकरे और मनसे के 13 विधायकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर दंडित करने का अनुरोध किया है।

कोर्ट प्रार्थनापत्र पर 5 दिसम्बर को सुनवाई करेगी। कोर्ट मामले को संघेय अपराध मानते हुए संज्ञान में लेती है तो राज और उनके विधायकों के खिलाफ 120 बी, 153 ए और 500 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज हो जाएगा। इसके बाद उन्हें सम्मन जारी कर कोर्ट में तलब किया जाएगा।

नरिया (लंका) निवासी वरुण ने खुद को सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता बताते हुए अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है। प्रार्थनापत्र में मनसे अध्यक्ष द्वारा हिन्दीभाषियों के खिलाफ भड़काऊ भाषण और उनके कार्यकर्ताओ द्वारा मारने-पीटने की आरोप लगाया गया है। उनकी सम्पतियों को भी काफी क्षति पहुंचायी गई है। इससे उत्तर भारतीय लोग खुद को मुम्बई में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

महाराष्ट्र विधानसभा में शपथ ग्रहण हिन्दी में करने पर 9 नवम्बर को सपा विधायक की मनसे के 13 विधायकों ने पिटाई की। राज ठाकरे ने पहले से इसकी धमकी दी थी। संविधान के अनुसार किसी भाषा में शपथ ली जा सकती है। इसे रोकना विधि विरुद्ध व संविधान के खिलाफ है।

क्षेत्रीयता के आधार पर समाज में वैरमनस्य फैलाया जा रहा है जो घातक है। कोर्ट ने परिवाद को रजिस्टर दर्ज कर सुनवाई के लिए 5 दिसम्बर की तिथि निर्धारित की है। परिवाद दाखिल करने वाले वरुण अरसे से शिवसेना से जुड़े रहे हैं।

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  • Web Title:राज ठाकरे के खिलाफ वाराणसी कोर्ट में याचिका