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बाइक चलाने वाली बनेगी सुपरवाइजर

मोपेड या स्कूटी चलाती हैं तो सुपरवाइजर बनने को तैयार रहें। सरकार ने लड़कियों को बहाल करने की यह नई शर्त रखी है। बाइक चलाने वाली तीन हजार लड़कियों की भर्ती जल्द ही होने वाली है। दूसरी शर्त यह है कि समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री भी उनके पास होनी चाहिए। आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों की बहाली के लिए बना नियम कुछ ऐसा ही कहता है। सूबे में तीन हजार आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों की बहाली होने वाली है। एक चौथाई पद आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रोन्नति देकर भरा जाएगा लेकिन तीन चौथाई पद पर सीधी बहाली होगी। समाज कल्याण विभाग ने इसके लिए नियम बना लिया है जिसे वित्त विभाग के पास भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर जल्द ही बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।


आंगनबाड़ी केन्द्रों में गड़बड़ी की शिकायतें दूर करने के लिए सरकार यह व्यवस्था करने जा रही है। इस पद पर बहाल होने वाली महिलाएं सीडीपीओ और आंगनबाड़ी केन्द्रों में काम करने वाली सेविका और सहायिकाओं के बीच कड़ी की काम करेंगी। बहाली दो वर्ष के लिए अनुबंध पर किया जाएगा लेकिन प्रदर्शन के आधार पर इसका विस्तार किया जा सकता है। मानदेय अब तक निर्धारित नहीं किया गया है लेकिन यह दस हजार प्रतिमाह या इससे ज्यादा होगा। बहाली जिलास्तर पर ही की जाएगी और आरक्षण का रोस्टर भी उसी स्तर पर बनेगा। इसके लिए हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति  का गठन किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव वी. के. वर्मा ने बताया कि राज्य में 80 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों में काम करने वाली लगभग डेढ़ लाख से अधिक सेविका और सहायिकाओं के काम की निगरानी स्थानीय स्तर पर नहीं हो पा रही है। सीडीपीओ के पास काम अधिक होता है। लिहाजा केन्द्रों में गड़बड़ी की शिकायतें मिलती हैं। इसलिये पर्यवेक्षक का पद बनाकर उसपर बहाली करने का फैसला किया गया है।

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