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‘खास’ पर नहीं है महंगाई का असर

धीर-धीर राजधानी पर होली की मस्ती का रंग चढ़ने लगा है। होली मिलन का दौर जारी है और खास लोगों की होली पर महंगाई का कोई ‘खास’ असर नहीं है। महंगाई से आम लोगों की होली तो कुछ फीकी हुई है, पर उच्चवर्गीय लोगों पर इसका असर नहीं है।रंग-गुलाल के अलावा केसरिया काजू, केसरिया बर्फी, काजू बर्फी, राजभोग, पींडी जसी महंगी मिठाइयों के साथ मालपुआ, जलेबा, पिड़िकिया और मीठा समोसा जस आइटमों की बाजार में धूम है। 400 रुपए किलो बिक रहा काजू केसर और काजू बर्फी के साथ छेना के सूखे आइटमों की खासी मांग है। स्वीट होम के हरनाम मलकानी ने बताया कि गिफ्ट के रूप में ड्राई फ्रूट्स की अच्छी मांग है।ड्ढr ड्ढr जिसकी कीमत 350 से 1200 रुपए के बीच है। ठंडई की दुकानों पर अभी से मूड बनाने वालों की भीड़ दिखने लगी है, जो पूरे एक हफ्ते जारी रहेगी। डाकबंगला चौराहा के विजय कुमार ने बताया कि 15 रुपए में बिक रही ठंड़ई के अपने ग्राहक हैं। लेकिन मध्य वर्गीय और निम्न मध्यवर्गीय लोगों की होली पर महंगाई की मार साफ दिख रही है। होली की तैयारी में मसगूल यह तबका घर में बने पुआ और पकवान पर निर्भर है। कपड़ों के बाजार में भीड़ तो दिख रही है। लेकिन खरीदारी पिछले साल की अपेक्षा कम है। पैन अेरिका के डिस्ट्रीब्यूटर एजाज अहमद ने बताया कि रडिमेड कपड़ों के सेल में इस बार करीब-करीब 25 फीसदी की कमी आई है।

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