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कर्मियों को अवीवा ने दिखाया बाहर का रास्ता

मौत के बाद परिजनों को आर्थिक तौर पर मजबूत का दावा करने वाली एक निजी जीवन बीमा कंपनी ने हाल ही में पचास से अधिक कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। प्रबंधन इसे खर्च में कटौती, कर्मियों के प्रदर्शन के आधार पर उठाए जाने वाला कदम बता रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि निकाले गए कर्मियों में कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें चंद दिनों पहले बेहतरीन प्रदर्शन के लिए चुना गया था। खर्च में कटौती के बावजूद कुछ प्रबंधकों व चुनिंदा नवागंतुकों को भी कंपनी ने विदेश यात्रा का अवसर दिया।


गुड़गांव स्थित अंतरराष्ट्रीय जीवन बीमा कंपनी अवीवा लाइफ इंश्योरेंश ने खर्च में कटौती और रूटीन प्रक्रिया के तहत निचले स्तर के पचास से अधिक कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया। हालांकि, बड़े प्रबंधकों के लिए कंपनी के संभावनाएं लगातार बेहतर हो रही हैं। गत शुक्रवार को कंपनी प्रबंधन ने एक झटके में पचास से अधिक लोगों को त्यागपत्र देने को कहा। अगले दिन से उन्हें कंपनी में आने से साफ तौर पर मना कर दिया गया। इनमें से कुछ कर्मी अभी भी छुट्टी पर चल रहे हैं। निकाले गए कर्मचारियों का कहना है कि खर्चो में कटौती के नाम पर एक तरफ कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को तो निकाला जा रहा है जबकि कंपनी में ऊंचे पदों पर कार्यरत कई कर्मी अभी भी विदेश यात्रा पर हैं। कंपनी सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों की एक टीम हाल ही में स्विटजरलैंड से पिकनिक मनाकर लौटी है।

एक कर्मचारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि बेंगलुरु की एक खास प्लेसमेंट एजेंसी को लाभ पहुंचाने के लिए नई भर्तियां हुई है। इस काम के लिए प्लेसमेंट एजेंसी को लाखों रूपये भी मिले हैं। कंपनी प्रवक्ता का इस बारे में कहना है कि बिजनेस परफार्मेस के आधार पर कंपनी रूटीन प्रक्रिया के तहत कर्मियों की भर्ती या इस्तीफा लेती है। हाल ही में बाहर निकाले गए कर्मियों को बाहर निकाले जाने के बारे में प्रवक्ता ने निश्चित संख्या नहीं बताई, लेकिन यह जरुर साफ किया कि यह संख्या पचास से कम है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2009 में 4500 नए लोगों को कंपनी में नौकरी दी गई है, लेकिन किस कार्यालय या देश का खुलासा नहीं किया गया।

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