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28 मई, 2020|7:58|IST

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बिहार की सात रेल परियोजनाएं लक्ष्य से पीछे

सरकार ने गुरुवार को कहा कि बिहार में चालू विभिन्न रेल परियोजनाओं में से सात परियोजनाएं निर्धारित लक्ष्य से पीछे चल रही हैं और उनकी देरी के कारणों में भूमि अधिग्रहण व वन विभाग की मंजूरी में देरी, भयंकर बाढ़, ठेकों की विफलता और निधियों की कमी शामिल हैं।
    
रेल राज्यमंत्री के एच मुनियप्पा ने गोरख प्रसाद जायसवाल और अजरुन राय के सवाल के लिखित जवाब में लोकसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन सात परियोजनाओं में मुजफ्फरपुऱ, सीतामढ़ी, नयी रेल लाइन, कोडरमा तिलैया नयी रेल लाइन, बेगूसराय़,खगड़िया दोहरीकरण शामिल हैं।
    
उन्होंने बताया कि अभी बिहार में 33 नयी रेल लाइनें, पांच आमान परिवर्तन और 12 दोहरीकरण परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मंत्री ने बताया कि जयनगऱ, दरभंगा़, नरकटियागंज, आमान परिवर्तन परियोजना में जयनगऱ, दरभंगा़, सीतामढ़ी खंड को चालू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि निविदाओं को अंतिम रूप दिए जाने में विलंब, बाढ़ और निधियों की कमी के कारण परियोजना में देरी हुयी है।

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