class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राजखोवा पर 'राज' कायम, गोगोई को बातचीत के संकेत

राजखोवा पर 'राज' कायम, गोगोई को बातचीत के संकेत

असम के मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कहा कि सरकार को प्रतिबंधित संगठन उल्फा की ओर से बातचीत के सकारात्मक संकेत मिले हैं, जबकि उल्फा के अध्यक्ष अरविंद राजखोवा के आत्मसमर्पण की खबरों पर गृह मंत्री पी चिदंबरम ने मीडिया से अनुमान के आधार पर रिपोर्टे देकर भ्रम की स्थिति पैदा नहीं करने का आग्रह किया है।

इससे पूर्व आज उल्फा अध्यक्ष अरविंद राजखोवा ने दावा किया कि उनकी गिरफ्तारी की खबर का मकसद भ्रम फैलाना और असम में शांति वार्ता प्रक्रिया को पटरी से उतारने का है। बहरहाल, असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई ने उल्फा के सभी शीर्ष नेताओं से बातचीत के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा है कि सरकार को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन से शांति वार्ता के सकारात्मक संकेत मिले हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर संगठन के नेता बातचीत के लिए आगे आते हैं तो उनकी सरकार उनके लिए सुरक्षा मुहैया करायेगी। उन्होंने उग्रवादी संगठन के नेताओं के वार्ता की मेज पर आने पर सुरक्षित रास्ता प्रदान करने का पक्ष लिया। इधर, उल्फा के अध्यक्ष अरविंद राजखोवा के आत्मसमर्पण करने की खबरों के बाद गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि मीडिया अनुमान के आधार पर रिपोर्टे देकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है।

संसद भवन के बाहर संवाददाताओं ने जब उनसे राजखोवा के आत्मसमर्पण करने के बारे में विस्तार से जानकारी चाही तो चिदंबरम ने कहा, मीडिया अनुमान के आधार पर रिपोर्टे दे रहा है और इस तरह से बहुत भ्रम फैल रहा है। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि कृपया संयम बरतें। दूसरी ओर, गोगोई ने गुवाहाटी में संवाददाताओं से कहा कि एक अच्छी बात सामने आई है। यह संकेत मुझे मिल रहा है। यह सही दिशा की ओर बढ़ने वाला कदम है।

उन्होंने कहा  राज्य में हिंसा को अवश्य समाप्त किया जाना चाहिए। हमने उन सबके लिए अपने दरवाजे खुले रखे हैं। परेश बरूआ समेत उल्फा के शीर्ष नेताओं को लोगों की शांति की आकांक्षाओं का सम्मान करना चाहिए। उल्फा प्रमुख अरविंद राजखोवा के सरकार के साथ बातचीत टेबल पर आने की इच्छा जताने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा,  उल्फा की ओर से मिलने वाले संकेत उत्साहजनक हैं।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी एक टीवी चैनल की उस खबर के बाद आयी है जिसमें चैनल ने राजखोवा के हवाले से कहा था कि प्रतिबंधित संगठन सरकार के साथ बातचीत को तैयार है। बहरहाल, दिल्ली में राजखोवा के बारे में विस्तार से बताने से इनकार करते हुए चिदंबरम ने कहा कि इस बारे में उन्हें जो कुछ भी बताना था वह कल संसद में बता चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में मुझे और जो कुछ कहना होगा वह मैं सही समय आने पर कहूंगा।

जब विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से इस बारे में फैले भ्रम को दूर करने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा, अगर कहीं कोई भ्रम है तो उसे संसद में ही साफ करना होगा। हालांकि जब असम के मुख्यमंत्री से जब यह पूछा गया कि अगर उल्फा के नेता बातचीत के लिए आगे आयेंगे तो क्या असम सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया करायेगी। इसचर उन्होंने कहा कि मैं इसके लिए तैयार हूं।

उल्फा के कमांडर इन चीफ तथा संगठन की सैन्य शाखा की कमान संभालने वाले परेश बरूआ के बातचीत में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बरूआ के बिना भी बातचीत हो सकती है, लेकिन अगर वह शामिल होता है तो सरकार को प्रसन्नता होगी। उन्होंने कहा कि अगर वह खुद से आता है तो हमें प्रसन्नता होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगले एक हफ्ते में कुछ अच्छी खबरें हो सकती है।

राजखोवा के बारे में पूछे जाने पर गोगोई ने कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया और केवल इतना ही कहा कि गृह मंत्री पी चिदंबरम उनसे उल्फा प्रमुख के बारे में बातचीत कर चुके हैं। गोगोई ने कहा कि सरकार उल्फा नेतृत्व के साथ स्वायत्तता और कुछ वित्तीय शक्ति देने के मुददे पर बातचीत करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि परेश बरूआ समेत सभी उल्फा नेता अगर वास्तविकता को समझेंगे तो हमें प्रसन्नता होगी। हम स्वायत्तता और कुछ वित्तीय शक्तियों के बारे में बातचीत कर सकते हैं।

बहरहाल, उल्फा अध्यक्ष अरविंद राजखोवा ने आज संकेत दिया है कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन शांति वार्ता के लिए तैयार है। राजखोवा ने एक टी वी चैनल से बातचीत में कहा कि मैं अपना रुख स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं अभी भी असमियों का हिमायती हूं। हम भारत की केंद्रीय सत्ता द्वारा असमियों पर शासन किये जाने के खिलाफ हैं। उल्फा सरगना ने कहा कि हम अपने आंदोलन को समाप्त नहीं करना चाहते हैं लेकिन समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से चाहते हैं, खास तौर से संवैधानिक तरीके से। मैं चाहता हूं कि शांति वार्ता शुरू होकर संपन्न हो।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:राजखोवा पर 'राज' कायम, गोगोई को बातचीत के संकेत