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ताकि बने सफर सुहाना

ताकि बने सफर सुहाना

हवाई सफर की बात चलते ही ऐसा लगता है कि प्लेन में बैठे और फुर्र से उड़ कर कहीं भी पहुंच गए। वैसे कम दूरी की हवाई यात्रा में ऐसा ही होता है। कई बार तो एयरपोर्ट की औपचारिकताओं में अधिक समय लगता है, जबकि डेस्टिनेशन पर पहुंचने में कम। उसमें कुछ समय तो हवाई जहाज के वातावरण को देखने,  टेक-ऑफ और लैंडिंग की प्रक्रिया को समझने, फ्लाइट में सर्व किये जाने वाले स्नैक्स का स्वाद लेने में ही बीत जाता है। बाकी समय आप खिड़की से शहरों और बादलों के विहंगम दृश्यों को देखने में व्यतीत कर सकते हैं। ऐसा हवाई सफर वाकई बड़ा मजाेदार और सरल लगता है, लेकिन हवाई सफर अगर काफी लम्बा हो, तब भी क्या आप उसे इसी तरह एन्जॉय कर पायेंगे? नहीं, दरअसल लंबी यात्रा में कुछ समय बाद बोरियत महसूस होने लगती है। इंटरनेशनल फ्लाइट्स में 10-12 घंटे या ज्यादा का सफर आम बात होती है। यात्रियों की इस बोरियत को दूर करने का काम करती है इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट की सुविधा।

इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट आज नई बात नहीं है। खास यह है कि दिनोंदिन इसमें नए परिवर्तन आ रहे हैं।  इसमें प्राय: मैगजीन, म्यूजिक और फिल्में शामिल की जाती हैं।

इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट का सबसे पुराना माध्यम इन-फ्लाइट मैगजीन हैं, लेकिन लंबी दूरी की उड़ानों में यह ज्यादा कारगर नहीं हैं। एक दो घंटों में पत्रिका पढ़ने के बाद आप बोर होने लगेंगे। ‘इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट’ की विविधताओं में ‘ऑडियो एंटरटेनमेंट’ सर्वप्रमुख है। इसके अंतर्गत गीत-संगीत, न्यूज, सूचनाएं तथा कुछ अन्य मनोरंजक कार्यक्रम होते हैं। इसके लिए उड़ान के दौरान सभी यात्रियों को हैडफोन उपलब्ध कराया जाता है, जिसे सीट की बाजू के अग्रभाग में बने सॉकेट में लगा कर कानों पर लगाइये और सीट पर बैठे संगीत सुनते रहिए। कुछ उड़ानों में एक ऑडियो चैनल पायलट द्वारा ग्राउंड स्टेशन और अन्य विमानों के पायलट से होने वाली बातचीत सुनने के लिए भी होता है। कई लोगों को यह वार्तालाप सुनना भी रुचिकर लगता है। वैसे अपने पर्सनल आईपॉड के कनेक्शन को सॉकेट में लगा कर अपने चुनिंदा गाने भी सुन सकते हैं।
 
लम्बी उड़ानों में आपके पास दूसरा विकल्प ‘वीडियो एंटरटेनमेंट’ है, जिसमें पहले से रिकॉर्ड किए गए कार्यक्रम दिखाए जाते हैं। इनमें डॉक्यूमेंट्री, चिल्ड्रन शो, ड्रामा सिरीज, कॉमेडी शो, करंट अफेयर कार्यक्रम और न्यूज आदि कार्यक्रम हो सकते हैं। कुछ वर्ष पहले तक इसके लिए केबिन के शुरू में एक बड़ा-सा वीडियो स्क्रीन लगा होता था, जिसमें सभी दर्शक एक साथ एक ही कार्यक्रम देखते थे, लेकिन आजकल अधिकतर अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में प्रत्येक यात्राी के लिए पर्सनल टीवी की सुविधा होती है। इससे प्रत्येक यात्राी अपनी पसंद का कार्यक्रम देख सकता है। इसके लिए सामने वाली सीट-बैक में मिनी टीवी लगा होता है। चैनल ट्रैकर द्वारा आप मनचाहा चैनल चुन सकते हैं। साउंड के लिए हैडफोन का प्रयोग होता है।

इसके बाद पसंदीदा माध्यम ‘इन-फ्लाइट मूवीज’ हैं। इसके लिए फिल्मों के दो तीन चैनल उपलब्ध होते हैं। आजकल विमान में फिल्मों के वीडियो चैनल भी शुरू हो गए हैं। एंटरटेनमेंट कंप्यूटर सिस्टम में हॉलीवुड और अन्य देशों की अनेक चुनिंदा फिल्म स्टोर की जाती हैं, जिन्हें यात्राी ‘पर्सनल ऑन डिमांड’ ऑप्शन के आधार पर देख सकते हैं। अब कुछ एयरलाइन्स डायरेक्ट सेटेलाइट टेलिविजन के माध्यम से लाइव कार्यक्रम भी दिखाने लगी हैं। आने वाले समय में पोर्टेबल मीडिया प्लेयर के रूप में विमान में मनोरंजन की एक नयी शुरुआत होने जा रही है।

विश्व की अनेक एयरलाइन्स ऐसी भी हैं, जिनमें मनोरंजन के लिए आपको वीडियो गेम भी मिल जाएंगे। इन-फ्लाइट गेम्स में कुछ गेम इस प्रकार के होते हैं, जिन्हें आप अन्य यात्रियों के साथ अलग-अलग टर्मिनल पर प्रतियोगिता के रूप में खेल सकते हैं। इसके अलावा आज इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट को कुछ सीखने का माध्यम भी बनाया गया हैं। आप चाहें तो  उड़ान के दौरान अपनी भाषा के माध्यम से अन्य देशों की भाषा भी सीख सकते हैं। कम से कम आप जिस देश की धरती पर उतरने वाले हैं, वहां की भाषा के खास शब्द तो सीख ही सकते हैं। जानकारी प्रदान करने वाला एक मनोरंजक विकल्प ‘मूविंग मैप सिस्टम’ के रूप में भी उड़ान के दौरान उपलब्ध होता है। इसे ‘एयरशो’ और स्काईमैप भी कहा जाता है। इसमें प्रदर्शित नक्शे पर वायुयान की जमीन से ऊंचाई, गति, प्रस्थान एवं गंतव्य स्थल से दूरी आदि की जानकारी मिलती है। इतना ही नहीं, बहुत-सी एयरलाइंस ने उड़ान में ‘वाई-फाई सिस्टम’ की टेस्टिंग कर इस वर्ष इसे शुरू किया है। कंटास एयरलाइन्स पहली ऐसी एयरलाइन्स है, जिसने उड़ान में मोबाइल फोन के प्रयोग की शुरुआत टेस्टिंग के रूप में शुरू की थी।


इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट की क्या-क्या सुविधाएं आपको उपलब्ध होती हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस फ्लाइट पर और किस एयरक्राफ्ट से यात्रा कर रहे हैं। दिनोंेदिन हवाई जहाजों में इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट के नये-नये आयाम जुड़ रहे हैं।

ऑडियो एंटरटेनमेंट
आज विमान में 20 से अधिक रेडियो चैनल उपलब्ध होते हैं, जिन पर 4000 से अधिक गाने सुने जा सकते हैं। वाई-फाई सिस्टम की शुरुआत इसी वर्ष हुई है।

वीडियो एंटरटेनमेंट
अलग-अलग विमान में आज 7 इंच से 10.5 इंच के पर्सनल मॉनिटर सीटों में लगे होते हैं, जिनमें टच स्क्रीन द्वारा कार्यक्रम चयन का विकल्प है।

फिल्म देखने के लिए 10 से ज्यादा वीडियो चैनल उपलब्ध होने लगे हैं।

सैटेलाइट टीवी द्वारा डायरेक्ट प्रोग्रामिंग के 36 चैनल विमान में देखे जा सकते हैं।

वीडियो ऑन डिमांड के लिए 100 से अधिक विश्वप्रसिद्घ फिल्में विमान के सिस्टम में उपलब्ध होती हैं।

अब विमान में इंटरनेट की सुविधा भी मिलने लगी है।

वीडियो गेम्स
अनेक ओपन सोर्स वीडियो गेम  पर्सनल मॉनिटर पर खेल सकते हैं।

स्क्रीन पर ‘सीट टू सीट मैसेज’ की सुविधा भी उपलब्ध होती है।

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