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नीतीश के तीर ने बुझाई लालटेन व गिराई झोपड़ी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विकास की आंधी ने लोकसभा चुनाव में न सिर्फ राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की लालटेन बुझा दी है बल्कि लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान की झोपड़ी को भी पूरी तरह तबाह कर दिया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में किंगमेकर की भूमिका निभाने वाले लालू पाटलिपुत्र सीट हार गए और किसी तरह सारण सीट बचा पाने में सफल रहे तो पासवान अपनी परम्परागत हाजीपुर सीट से चुनाव हार गए और उनकी पार्टी बिहार में खाता भी नहीं खोल पाई। शनिवार को हुई मतगणना के बाद बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से जनता दल (युनाइटेड) ने जहां 20 सीटें हासिल की वहीं भाजपा ने 12 सीटों पर अपना कब्जा जमाया। राजद को चार सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। कांग्रेस को भी पिछले चुनाव की तुलना में एक सीट गंवानी पड़ी। निर्दलीय प्रत्याशियों को दो सीट प्राप्त हुई हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2004 के लोकसभा के चुनाव में राजद को 22, लोजपा को चार, कांग्रेस को तीन, भाजपा को पांच तथा जनता दल (युनाइटेड) को छह सीटें मिली थी। चुनाव परिणाम आने के बाद लालू ने कहा कि कांग्रेस से तालमेल नहीं करना उनकी बड़ी भूल थी। हालांकि उन्होंने राजग की सीटों के बढ़ोतरी के लिए विकास जसे मुद्दे को पूरी तरह नकारते हुए कहा कि बिहार में विकास न तो कभी मुद्दा बना है और न ही बनेगा। पासवान ने भी अपनी हार स्वीकारते हुए कहा कि चुनाव में हार-जीत लगी रहती है। उन्होंने माना कि मतदाताआें ने विकास के नाम पर ही वोट दिया है। परंतु उन्होंने यह भी कहा कि हाजीपुर की जनता यह कभी नहीं कहेगी कि यहां विकास नहीं हुआ है। पासवान ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि बतौर सांसद उन्होंने हाजीपुर के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी। उधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की जनता ने विकास के नाम पर वोट दिया है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों ने लालू तथा पासवान के बिहार के प्रति नकारात्मक रवैये को पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सांसद बिहार के विकास के लिए काम करेंगे।

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  • Web Title: नीतीश के तीर ने बुझाई लालटेन व गिराई झोपड़ी