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कैसे खरीदेंगे बच्चों के कपड़े

जनता की सेवा और उसकी रक्षा में दिन रात तल्लीन रहने वाले लगभग चार हजार जवान इस होली में न तो अपनी मुनियों के लिए फ्राक खरीद सकेंगे न ही मुन्ने के लिए शर्ट या कुर्ता-पायजामा। बीएमपी-1, 5 और 14 में कायर्रत ऐसे जवानों के अलावा डीएसपी स्तर से हवलदार स्तर तक तीन सौ ऐसे पुलिसकर्मी भी हैं जिनको वेतन के लाले पड़े हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों के लिए इस होली का रंग फीका ही होगा। एक ओर होली का उत्साह जहां चरम पर है वहीं वेतन नहीं मिलने के कारण ऐसे जवानों के चेहर पर पीड़ा साफ झलक रही है।ड्ढr ड्ढr इन तीनों कंपनियों के अधिकारी तो किसी तरह होली मनाने की क्षमता रख सकते हैं पर वैसे जवानों की मनोदशा क्या होगी जिनका परिवार इनके वेतन पर ही निर्भर है। एडीजी मुख्यालय नीलमणि कहते है कि मुख्यालय में पैसे की कोई कमी नहीं। एडीजी कहते हैं कि ऐसा संकट पुलिस कर्मियों द्वारा दो माह के एरियर के भुगतान करा लेने से हुआ होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यालय से जल्द ही इन तीनों कंपनियों को वेतन का एलाटमेंट हो जाएगा। एडीजी ने दावा किया कि इसी हफ्ते सभी पुलिसकर्मियों को वेतन का भुगतान भी हो जाएगा। इधर शनिवार को जब ऐसे पुलिसकर्मियों को एलाटमेंट न आने की खबर मिली तो उनके चेहर पर मायूसी फैल गई। सबसे ज्यादा परशान तो बीएमपी की महिला जवान दिखीं जिन्होंने होली को लेकर कई हसरतें पाल रखी थीं। आईजी प्राोविजन रविन्द्र कुमार ने इस संदर्भ में कहा कि उनकी कोशिश होगी कि सोमवार को ही किसी तरह इनके वेतन का भुगतान हो जाए। ड्ढr बेमजा हुई हड़ताली कर्मचारियों की होलीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। हड़ताल से वापस लौटे सूबे के लाखों कर्मचारियों के लिए इस बार होली का रंग बेमजा हो गया है। उन्हें हड़ताल अवधि के 34 दिनों का वेतन नहीं मिलने का आदेश पहले ही जारी हो गया था। जनवरी और फरवरी माह में उन्होंने 25 दिनों तक काम किया था। इस अवधि का भी वेतन अधिकतर विभागों में नहीं मिला है।ड्ढr ड्ढr वैसे राज्य सरकार ने उन्हें राहत देते हुए यह तय किया है कि जनवरी और फरवरी महीने का पे एरियर उन्हें मिलेगा। यह पे एरियर मूल वेतन के बराबर होता है। कई विभागों में यह पे एरियर भी कर्मचारियों को नहीं मिल पाया है। वैसे वित्त विभाग के प्रधान सचिव नवीन कुमार ने बताया कि इस संबंध में पत्र सभी विभागों और जिलाधिकारियों को पहले ही भेज दिया गया था और भुगतान की जिम्मेवारी उन्हीं की है। राज्य सरकार ने पहले यह आदेश निकाला था कि हड़ताल अवधि के लिए किसी भी तरह के वेतन का भुगतान नहीं होगा। लेकिन कर्मचारी सात जनवरी से नौ फरवरी तक हड़ताल पर थे। जनवरी में छह दिन और फरवरी में 1दिनों तक काम किया था। हड़ताल से वापस लौटे कर्मचारियों को उम्मीद थी कि इन 25 दिनों के वेतन का भुगतान उन्हें होली के पहले हो जाएगा लेकिन अब उनकी उम्मीद टूट रही है।ड्ढr ड्ढr बिहार सचिवालय सेवा संघ के महासचिव अनिल कुमार सिंह ने बताया कि 25 दिनों के वेतन देने की प्रक्रिया तो राज्य सरकार ने शुरू की थी लेकिन इसकी रफ्तार इतनी धीमी है कि होली के पहले इसका भुगतान नहीं हो पाएगा। लिहाजा कर्मचारी इस बार भारी मन से होली मना रहे हैं। इस बार न तो बच्चों के नये कपड़े बन रहे हैं और ना ही धूम-धड़ाका होगा।

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  • Web Title: कैसे खरीदेंगे बच्चों के कपड़े