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दो सौ पीपीएस अफसरों को दिन बहुरने की उम्मीद

डिप्टी एसपी स्तर के एक अफसर को चार साल में सीनियर स्केल मिल जाना चाहिए पर आठ साल गुजरने के बाद भी नहीं मिला। डिप्टी एसपी के तौर पर आठ साल काम करने वाले अफसर को अपर पुलिस अधीक्षक बनाया जाना चाहिए पर लोग 16 साल तक डिप्टी एसपी रहने के बाद भी एएसपी नहीं बन पाए हैं। अब 21 पीपीएस अधिकारियों के जल्द ही आईपीएस बनने की उम्मीद ने ऐसे करीब दो सौ अफसरों की उम्मीदों में पंख लगा दिए हैं। 

एक सीनियर पीपीएस अफसर के मुताबिक पीपीएस से आईपीएस संवर्ग में प्रोन्नति के लिए 27 पीपीएस अफसरों की सूची गई थी। इनमें से 21 के चयनित होने की खबर है। गृह सचिव स्तर के एक अधिकारी के मुताबिक दिसम्बर के दूसरे हफ्ते तक लिस्ट आ जाने की उम्मीद है। इस सूची के आने के बाद यूपी की पुलिसिंग में बड़े बदलाव आने की उम्मीद है।

मसलन यूपी में एसपी स्तर के आईपीएस अफसरों के 122 पद हैं पर इनकी मौजूदा संख्या सौ से भी कम है। 14 एसपी स्तर के अधिकारियों के डीआईजी बनने से यह संख्या और भी कम हुई है। नए अफसरों के आने पर एसपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती की समस्या हल होगी।

दरअसल पिछले साल 17 अफसरों के आईपीएस बनने के बाद से एएसपी के पुराने पद खाली पड़े हैं। इन 21 पदों के जुड़ जाने से 38 डिप्टी एसपी स्तर के अफसरों को एएसपी बनने का मौका मिलेगा। डिप्टी एसपी स्तर पर चार वेतनमानों की वरिष्ठता है। यानी इन अड़तीस अफसरों के एएसपी बनने का फायदा करीब 160 डिप्टी एसपी को भी मिलेगा क्योंकि उनके वेतनमान प्रोन्नत हो सकेंगे।

पीपीएस एसोसिएशन से जुड़े एक सदस्य का कहना है कि शासन पीपीएस अफसरों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार करता रहा है। आईपीएस अपने मातहत पीपीएस संवर्ग की स्थिति पर ध्यान ही नहीं देते। चरित्र पंजिका अधूरी होने जैसे मसले पर शासन स्तर पर अटके हुए हैं।

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