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कुमाऊं विवि में खुलेगा सेंटर फॉर क्लाइमेट चेंज

कुविवि के कुलपति प्रो. वीपीएस अरोड़ा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के अनुरूप किसानों को कृषि प्रबंधन में बदलाव लाने होंगे। उन्होंने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय में जल्द ही उत्तराखंड सेंटर फॉर क्लाइमेट चेंज की स्थापना की जायेगी।

कुलपति अरोड़ा एसएसजे परिसर के एनआरडीएमएस केंद्र में चल रहे पुनश्चर्या कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सेब की खेती के लिए वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग कर अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों का चयन करना होगा। बताया कि कुमाऊं विवि में जल्द ही उत्तराखण्ड सेन्टर फॉर क्लाइमेट चेन्ज की स्थापना की जायेगी।

इससे जलवायु परिवर्तन से पर्वतीय कृषि, अर्थव्यवस्था, मौसम, स्वास्थ्य, समाज, पर्यावरण तथा नीतियों में पड़ने वाले प्रभावों का गहन अध्ययन किया जाएगा। बीएचयू के भूगर्भ विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. मल्लिकाजरुन जोशी ने बताया कि कार्बन डाई ऑक्साईड में होने वाली वृद्धि जलवायु परिवर्तन के लिये जिम्मेदार नहीं है। 

उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन की मुख्य वजह पृथ्वी के गर्भ तथा सतह पर होने वाली भू आकृतिक गतिविधियों, सौरमण्डल की आकाश गंगा में तात्कालिक स्थित तथा सूर्य में होने वाली गतिविधियों का आपसी सम्बन्ध है।

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  • Web Title:कुमाऊं विवि में खुलेगा सेंटर फॉर क्लाइमेट चेंज