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मां के मेले में मांगी मनौतियां

दत्तात्रेय जयंती पर आयोजित होने वाला सती मां अनसूया मेला संपन्न हो गया है। जहां अनसूया मंदिर में पांच देवियों की डोलियों ने मां अनसूया का वंदन किया वहीं नि:संतान दंपतियों ने संतान कामना के लिए रात्रिभर जागरण किया।

ऋषि अत्रि की धर्मपत्नी और पतिव्रता धर्म की सर्वश्रेष्ठ देवी मां अनसूया जिसकी आराधना लक्ष्मी, पार्वती और सरस्वती ने भी की थी उस देवी के दरबार में दो दिन तक चलने वाला अनसूया मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। मान्यता, धर्म और पतिव्रत धर्म के इस महान उत्सव में हजारों लोगों ने शिरकत की।    पांच गांवों की देवियां भी डोली में सजकर अनसूया मंदिर पहुंची। मंगलवार की रात्रि को हजारों भक्तों और देवियों के सानिध्य में भगवती अनसूया का जागरण किया गया।

मां के दरबार में संतान कामना के लिए विभिन्न क्षेत्रों से 150 से अधिक नि:संतान दंपतियों ने मंदिर परिसर में जागरण किया तथा संतान कामना के लिए मनौती मांगी। मेले में आध्यात्म और संस्कृति का संगम रहा। जहां भक्तों ने जागरण किया वहीं गांव की महिलाओं ने जागर के माध्यम से देवियों और अनसूया मां का आह्वान किया। मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये गए।

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