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प्राकृतिक संसाधनों से सुधरेगी आजीविका

गोविंद बल्लभ पंत हिमालय एवं पर्यावरण विकास संस्थान की गढ़वाल इकाई श्रीनगर तथा हिमालयी आजीविका सुधार परियोजना चमोली के तत्वावधान में त्रियुगीनारायण में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें दशोली ब्लॉक के 20 महिला व पुरुषों को आजीविका सुधार हेतु क्षमता विकास प्रशिक्षण दिया गया।

संस्थान के वैज्ञानिक प्रभारी डॉ. आरके मैखुरी के दिशा निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण में मुख्य अतिथि एचएनबी गढ़वाल केन्द्रीय विवि के वरिष्ठ वैज्ञान अधिकारी डॉ. विजयकांत पुरोहित ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग से कृषक अपनी आजीविका सुधार सकते हैं।

प्रशिक्षण में युवा वैज्ञानिक डॉ.एलएस रावत, डॉ. विक्रम नेगी, डॉ. प्रकाश फोन्दणी ने जंगली खाद्य फलों से अचार, जूस, जैम आदि बनाने व सरल ग्रामीण तकनीकी जैसे पॉलीहाउस, बायोविक्रेट तथा जैविक खेती के साथ-साथ फ्लोरीकल्चर आदि विधियों के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने जड़ी-बूटियों का कृषिकरण, उपयोग एवं संरक्षण के साथ पारम्परिक ज्ञान की जानकारी देते हुए कहा कि कृषक उनके उपयोग से स्वरोजगार अपना सकते हैं। डॉ.चन्दन सिंह नेगी ने मशरूम उत्पादन, नंदा देवी सामाजिक एवं पर्यावरण उत्थान समिति चमोली के अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत ने मछली पालन, योगेश जोशी ने विटामिन सी से भरपूर जंगली खाद्य फल भतमोलिया का जूस बनाने की प्रयोगात्मक विधियों से कृषकों को रूबरू कराया।

इस अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा गांवों का भ्रमण किया गया तथा संस्थान की तरफ से सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिये गये। इस अवसर पर परियोजना के प्रतिनिधि कु हेमा रावत, अनुसूया प्रसाद, रघुनाथ प्रसाद गैरोला, हरी सिंह नेगी, आशीष भट्ट थे।

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