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जुगनू की तरह जल रहे बल्ब

जिले के दजर्नों गांव आज भी लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। जुगनू की तरह जलते बल्बों से जहां छात्र परेशान हैं वहीं ग्रामीणों को रात्रि के समय घरेलू कार्य करने में दिक्कतें उठानी पड़ रही है। क्षेत्र में जंगली जानवरों का खतरा भी बढ़ गया है। 

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लो-वोल्टेज के बाद भी विद्युत विभाग के बिलों को पूर्ण भुगतान कर रहे हैं, लेकिन विद्युत विभाग द्वारा लो-वोल्टेज की समस्या को हल नहीं किया जा रहा है। जिले के अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ तथा जखोली ब्लॉक में आज भी कई गांव लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं।

जखोली ब्लॉक अन्तर्गत डांगी, खौड़, भुलानगांव, उच्छोला, मथ्यागांव, दरमोला, सेरा, खरगेड़, बांसी, मुसाढुंग, सुमाडी, अगस्त्यमुनि ब्लॉक के अन्तर्गत बसुकेदार, डुंगरा भटवाड़ी, ज्यौला पटय़ों, भड़ित, ताल जुमना, रूमसी, भौसाल, डोभा, मणिगुह, भटवाड़ी, मालछी, खाल्यौ, खमोली, सिल्ला, फलई, वीरों, धारतौन्दला, डडोली, रतूड़ा, नौला, विजयगढ़, कांडा-सिमतोली, भुनका, मरगांव, सुनाऊ तथा ऊखीमठ ब्लॉक के ल्वाड़ी, सल्या, देवली भड़िग्राम, पिथोरा, पड़धारा, सिरवाड़ी, तुलंगा, फली-फसालत, राऊलैंक, बरसाल, पाली सरूणा, गुरवा आदि गांवों में लो-वोल्टेज से ग्रामीण परेशान है। जिला पंचायत सदस्य केशव तिवाड़ी, अवतार सिंह राणा, गीता देवी, सरला सेमवाल, ममता कुंवर, वीर सिंह बुड़ेरा और जिला पंचायत उपाध्यक्ष किशोरी नंदन डोभाल का कहना है कि गांवों की लो-वोल्टेज की समस्या के प्रति विद्युत विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

जिससे ग्रामीणों के साथ ही स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने विद्युत विभाग से लो-वोल्टेज की समस्या पर शीघ्र कार्यवाही की मांग की है।  विद्युत विभाग के अधिशासी अभियन्ता रघुनाथ सिंह ने बताया कि जिला प्लान के तहत विभाग को 35 लाख 24 हजार की वित्तीय स्वीकृति प्रदान हो गयी है। जिसमें कई गांवों में नये ट्रांसफार्मर लगाने के साथ ही कम क्षमता वाले ट्रासफार्मरों की कैपेसिटी बढ़ाई जायेगी।

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