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कर्मचारी सीख रहे हैं प्रबंधन के गुण

 कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सीख रहे हैं प्रबंधन के गुर। उनके लिए यह व्यवस्था हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय कृषि प्रबंधन एवं प्रसार संस्थान (मैनेज) ने की है। पहले चरण में उद्यान सलाहकारों के लिए यह व्यवस्था की गई है। इन उद्यान सलाहकारों को किसानों की गतिविधियों से जुड़ने और सरकारी योजनाओं को उनतक पहुंचाने के नये तरीके बताये जा रहे हैं।


राज्य सरकार ने किसानों को नई तकनीक से लैस करने का अभियान चला रखा है। इसी कड़ी में कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रबंधन के तरीके बताने के लिए देश के बड़े संस्थानों के वैज्ञानिक सूबे में पहुंचे हैं। वे 11 दिसंबर तक उद्यान सलाहकारों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण में किसानों के हित में सरकारी पैसे के उपयोग की जानकारी भी दी जा रही हैं। अभियान का जिम्मा  बिहार एग्रीकल्चर मैनेजमेंट एन्ड एक्स्टेंशन ट्रेनिंग इन्स्टीच्यूट (बामेति)  को दिया गया है और इस संस्था ने अबतक बड़ी संख्या में किसानों और अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है। आत्मा योजना के क्रियान्वयन से लेकर किसान समूहों  के गठन तक के लिए किसानों को प्रशिक्षित किया गया है। कृषि प्रसार प्रबंधन पर तो प्रशिक्षिण शिविर आयोजित किये ही गये किसानों को जैविक खेती और उद्यान की भी जानकारी दी गई। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं में किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए बड़ी संख्या में मास्टर ट्रेनरों को भी प्रशिक्षित किया गया। अब उद्यान सलाहकारों के लिए यह व्यवस्था की गई है। संस्था के निदेशक डा. आर. के. सोहाने ने बताया कि उद्यान सलाहकारों को दो चरण में प्रशिक्षित किया जाएगा। मैनेज के प्रसार निदेशक डा. एम.एन रेड्डी के अलावा राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के भी कई वैज्ञानिक उन्हें प्रशिक्षित कर रहे हैं।

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