class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राजनीति के अपराधीकरण पर हाईकोर्ट चिंतित

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने देश में चुनावों में मतगणना के दौरान गोपनीयता न कायम रखने की बढ़ रही प्रवृत्ति पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है। कोर्ट का मानना है कि देश में राजनीति के बढ़ते अपराधीकरण एवं व्यवसायीकरण के कारण ही मतगणना में गोपनीयता कायम नहीं रह पाती है।

न्यायालय ने इस तल्ख टिप्पणी के साथ ही कहा है कि अब यह कहने की आवश्यकता नहीं रह गई है कि देश की अधिकतर लोकतांत्रिक संस्थाएँ धनवान लोगों अथवा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के कब्जे में आ गई है। इस वजह से हमारे देश के संसदीय लोकतंत्र को एक नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यह निर्णय न्यायमूर्ति सभाजीत यादव ने दिया है।

कोर्ट ने कहा है कि राजनीति के बढ़ते अपराधीकरण एवं व्यवसायीकरण के कारण न केवल देश का राजनीतिक माहौल व परिदृश्य प्रदूषित हो रहा है, अपितु भारतीय लोकतंत्र को खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में चुनाव की शुद्धता को बनाए रखने के लिए चुनाव सम्बन्धी मामलों में अदालतों को अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी।

कोर्ट ने कहा है कि जब भी चुनाव याचिका के माध्यम से चुनाव के दौरान की गई अनियमितता या गड़बड़ी की शिकायतें आती हैं, तब चुनाव में शुद्धता बनाए रखने के लिए पुनर्मतगणना कराए जाने का आदेश दे देना चाहिए, ताकि लोकतंत्र के मूल ढाँचे को बरकरार रखा जा सके।

इसके साथ ही न्यायालय ने गौतमबुद्ध नगर की तहसील दादरी में स्थित एक ग्राम पंचायत चुनाव में हुई धाँधली के मामले पर सुनवाई करते हुए वहाँ पर 15 दिन के अन्दर मतपत्रों की पुनर्मतगणना कराने का एसडीओ दादरी को निर्देश दिया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:राजनीति के अपराधीकरण पर हाईकोर्ट चिंतित