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छात्रों की नाईट-पार्टियों से नागरिक परेशान

जश्न मनाने के लिए देर रात तक चलने वाली छात्रों की पार्टियों से नागरिकों का जीना दूभर हो गया है। ये पार्टियां आए दिन झगड़े फसाद का कारण बन रहीं हैं। लोग यदि छात्रों को समझाने का प्रयास करते हैं, तो वे मारपीट से भी पीछे नहीं हटते। पिछले एक माह के दौरान विभिन्न सेक्टरों में इस तरह की आधा दर्जन वारदात हो चुकी हैं।

विदित हो कि ग्रेटर नोएडा शहर की आधी आबादी छात्रों की है। पचास हजार से भी अधिक छात्र विभिन्न सेक्टरों में रह रहे हैं। कॉलेज कैम्पसों में बने हॉस्टलों में रह रहे छात्रों की संख्या जोड़ी जाए तो यह दोगुनी हो जाएगी। छात्र खाली पड़े मकान मालिकों के कमाई का जरिया बन रहे हैं। लेकिन पड़ोसियों के लिए ये किसी मुसीबत से कम नहीं हैं। जिन लोगों के अपने मकान हैं, उनका रहना मजबूरी है। मगर जो परिवार किराए का मकान लेकर रह रहे हैं वे छात्रों का पड़ोसी बनना कतई पसन्द नहीं करते।

समान्यतः छात्रों से परेशानी नहीं होती, मगर जब ये अपने किसी दोस्त की जन्मदिन पार्टी मनाएं अथवा पास होने की खुशी में दोस्तों के साथ जश्न मनाएं तो पड़ोसी क्या ब्लाक के तमाम लोगों को परेशानी होती है। सेक्टर अल्फा के सी ब्लाक निवासी हरिओम शर्मा के मुताबिक छात्र तेज आवाज में म्यूजिक बजाते हैं, जिससे रात भर पड़ोसी सो नहीं पाते।

छात्रों की अधिकांश पार्टियों में जाम भी जमकर छलकाए जाते हैं। कई बार हालात बेकाबू होने पर पुलिस भी बुलानी पड़ती है। हर माह ऐसी एक दो घटनाएं होती रहती हैं, जब छात्रों को हवालात में रात गुजारनी पड़ी है। लेकिन उसक बाद शिकायतकर्ता को हमेशा झगड़े का डर बना रहता है। सेक्टरों में रहने वाले छात्र नागरिकों के साथ कई बार मारपीट भी कर चुके हैं।

सेक्टर गामा के आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी सन्तोष कुमार सिंह के मुताबिक छात्रों को किराए पर कमान देने से पहले उनका सत्यापन कराया जाएगा। यदि छात्र झगड़े के चलते मकान बदल रहा है तो ऐसे छात्रों को किराए पर कमरा नहीं दिया जाएगा। झगड़ालू किस्म के छात्रों को मकान किराए पर देने से परहेज किया जाएगा।

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