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अनपरा ‘डी’ परियोजना के काम में तेजी का निर्देश

उत्तर प्रदेश विद्युत उत्पादन निगम के मुख्य प्रबंध निदेशक आलोक टंडन ने बुधवार को यहां एक हजार मेगावाट क्षमता की निर्माणाधीन अनपरा ‘डी’ परियोजना का निरीक्षण किया तथा कार्यदायी संस्था भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्यो की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माणस्थल पर टेस्ट पाइल कार्य का शुभारम्भ किया तथा भेल व अन्य कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को निर्माण की गति तेज कर निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया।

भेल के इंजीनियरों ने सीएमडी को बताया कि सामान्यत: ब्वायलर की स्थापना में 25 महीने व टरबाइन के कार्यो में 12 महीने का समय लगता है, किन्तु टेस्ट पाइलिंग की रिपोर्ट जनवरी तक मिलने की उम्मीद के कारण ये काम जनवरी के बाद ही शुरू हो पायेंगे। उन्होंने बताया कि ब्वायलर क्षेत्र में कुल 616 मेन पाइलिंग किये जाने के बाद ही स्थापना का काम शुरू किया जा सकेगा।

सीएमडी ने संविदा कम्पनी एरा के प्रोजेक्ट हेड को अतिरिक्त मशीनों की व्यवस्था कर पाइलिंग में तेजी लाने का निर्देश दिया। बाद में सीएमडी ने अनपरा परियोजना की 60 दिनों के लिए बंद चौथी इकाई के मरम्मत कार्यो की भी समीक्षा की और निर्धारित समय के पहले चालू करने का निर्देश इंजीनियरों को दिया।

इस अवसर पर अनपरा परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक एसके सक्सेना, महाप्रबंधक पीके गर्ग, अनपरा ‘डी’ परियोजना के चीफ इंजीनियर सिविल एमएम गर्ग, महाप्रबंधक एएन चौरसिया, उपमहाप्रबंधक आरए मित्तल, महाप्रबंधक व उपमहाप्रबंधक  (भेल) एसकेवर्मा और अधिशासी अभियंता श्री मिश्र आदि मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश की अतिमहत्वाकांक्षी अनपरा ‘डी’ परियोजना का निर्माण 13 जनवरी, 08 को शुरू हुआ। 5358.79 करोड़ रुपये की लागत से राखभराव क्षेत्र में बनने वाले देश के इस पहले विद्युतगृह के निर्माण की जिम्मेदारी भेल को 24 अक्टूबर, 07 को 3390 करोड़ रुपये के बीटीजी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर के साथ दी गयी थी।

परियोजना का कार्य निर्माण स्थल से गुजर रही आधा दजर्न से अधिक पारेषण लाइनों की शिफ्टिंग के चक्कर में लगभग साल भर उलझा रहा। चार सितम्बर 09 को पारेषण लाइनों की शिफ्टिंग का काम खत्म हुआ। अब राखभराव क्षेत्र में ड्राइविंग लोड पाइलिंग का काम शुरू हुआ है जिसके पूरा होने पर अन्य कार्य प्रारंभ होंगे।

प्रदेश सरकार इस परियोजना को 2012 के पहले ही पूरा कराने की कोशिशों में जुटी है, किन्तु काम की धीमी गति से इसके निर्धारित समय सीमा में चालू होने में विलम्ब की आशंका है। सर्वाधिक मुश्किल परियोजना तक कोयला पहुंचाने के लिए एमजीआर की है जिसका निर्माण कार्य जमीन उपलब्ध न होने के कारण बुरी तरह पिछड़ चुका है।

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  • Web Title:अनपरा ‘डी’ परियोजना के काम में तेजी का निर्देश