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रोग भगाने में तांबे की उपयोगिता पर अब वैज्ञानिक पुष्टि

रोग भगाने में तांबे की उपयोगिता पर अब वैज्ञानिक पुष्टि

आयुर्वेद के मुताबिक तांबे के पात्र में रात भर रखे गए पानी को सुबह खाली पेट पीने से कई बीमारियां दूर हो जाती हैं। अब विज्ञान ने भी इस पर मुहर लगा दी है।

बर्मिंघम के एक अस्पताल द्वारा कराए गए शोध से इसकी पुष्टि होती है कि यह आयुर्वेदिक मान्यता काफी हद तक सही है। अस्पताल ने एक दूसरे परिपेक्ष्य में इसे साबित किया है। शोधकर्ताओं ने एक पारंपरिक शौचालय की शीट, नल के हैंडल एवं दरवाजे के पुश-प्लेट को हटाकर उनकी जगह तांबे से बने सामान लगा दिए।

उन्होंने दूसरे पारंपरिक शौचालय की उपरोक्त वस्तुओं की सतह पर मौजूद जीवाणुओं के घनत्व की तुलना ताम्र वस्तुओं की सतह पर उपलब्ध जीवाणुओं के घनत्व से की। वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि ताम्र सतह पर उपलब्ध जीवाणु की संख्या गैर ताम्र सतह पर उपलब्ध जीवाणुओं की संख्या से 90 से करीब 100 फीसदी कम थी।

अध्ययन दल के प्रमुख यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल बर्मिंघम (यूएचबी) के प्रोफेसर टॉम इलियट कहते हैं, ''बर्मिंघम और दक्षिण अफ्रीका में परीक्षण से पता चलता है कि तांबे के इस्तेमाल से अस्पताल के भूतल को काफी हद तक हानिकारक जीवाणु से मुक्त रखा जा सकता है।''

उन्होंने कहा कि कॉपर बायोसाइड के इस्तेमाल से जुड़े शोध से भी पता चलता है कि तांबा संक्रमण को दूर करता है। यही तथ्य ताम्र पात्रों पर भी लागू होती है।

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