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समलैंगिकता पर 80 देशों में सजा अनुचित: संयुक्त राष्ट्र

समलैंगिकता पर 80 देशों में सजा अनुचित: संयुक्त राष्ट्र

एचआईवी और एड्स पर संयुक्त राष्ट्र के संयुक्त कार्यक्रम (यूएनएड्स) ने कहा कि करीब 80 देशों में अब भी समलैंगिकों को सजा का प्रावधान उनके साथ भेदभाव है।

विश्व एड्स दिवस (1 दिसम्बर) पर कहा कि ऐसे कानूनों के कारण ये देश एचआईवी संक्रमित लोगों की उचित मदद नहीं कर पाते और यह मानव अधिकारों का उल्लंघन है।

यूएनएड्स के बयान में दिल्ली उच्च न्यायालय के समलैंगिकों की सजा वाले कानून को खारिज करने के निर्णय का भी हवाला दिया गया है।

यूएनएड्स ने सभी सरकारों से अपने नागरिकों के साथ भेदभाव रोकने और स्वास्थ्य सुविधाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने को कहा है।

यूएनएड्स के कार्यकारी निदेशक मिचेल सिदिबी ने कहा कि दुनिया में एड्स का सबसे अधिक खतरा समलैंगिक समुदाय को है और समलैंगिक समुदाय पर हमले से स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच प्रभावित हो सकती है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा कि कुछ देशों में एड्स की रोकथाम की दिशा में प्रगति हुई है, लेकिन मानव अधिकारों के सम्मान से अधिक लाभ हो सकता है।

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