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निराला निकला आईएमईआई का खेल, 80 फीसदी चाइनीज हैण्डसेटों पर चल रही कॉल

दूर संचार विभाग की तमाम हायतौबा के बावजूद लाखों चाइनीज मोबाइल पर पहली दिसम्बर से भी कॉल बंद नहीं हो सकी। मोबाइल ऑपरेटरों ने सिर्फ उन्हीं उपभोक्ताओं के हैण्डसेटों पर कॉल ब्लॉक की है जिनकी आईएमईआई शून्य थी। अगर मोबाइल हैण्डसेट पर कोई भी आईएमईआई नम्बर पड़ा था तो वह बंद नहीं हो सका।

ऑपरेटर जहाँ ग्राहक कम होने के डर से कैसे भी आईएमईआई वाले हैण्डसेट पर कॉल नहीं बंद कर रहे हैं। वहीं ऑपरेटरों के पास अब तक ऐसा कोई फामरूला नहीं है कि जिससे वह ऐसे मोबाइल की आईएमईआई के असली व नकली होने की पहचान कर सके। भरोसेमंद सूत्रों का दावा है कि ढाई करोड़ चाइनीज मोबाइल हैण्डसेट में से केवल 20 फीसदी पर ही कॉल बंद की गई है।

पहली दिसम्बर से बिना आईएमईआई वाले फोन पर कॉल बंद करने की दूर संचार विभाग (डॉट) की घोषणा से चाइनीज मोबाइल हैण्डसेट खरीदने वाले जिन लाखों उपभोक्ताओं की सोमवार की रात तक नींद उड़ी हुई थी उनमें से अधिकतर मंगलवार को खुश थे। मोबाइल ऑपरेटरों ने डॉट की सूची की मोबाइल हैण्डसेट कम्पनियों के हैण्डसेटों पर कॉल नहीं बंद की। ऐसी हालत में चाइनीज हैण्डसेट खरीदने वाले 80 फीसदी उपभोक्ताओं को खासी राहत मिली है।

उपभोक्ता डॉ. विमला मिश्र, महेश कश्यप और यशवर्धन का आरोप है कि बड़ी मोबाइल हैण्डसेट निर्माता कम्पनियों ने डॉट के साथ मिलकर यह सब नाटक रचा था। घटिया हैण्डसेट पर लगाम कसने की बजाए उपभोक्ताओं की जेबें ढीली कराई गई है।

महेश का दावा है कि उनके हैण्डसेट पर बाकायदा कॉल आ जा रही है। जबकि नितिन और अमित पाण्डेय के डुअल सिम सुविधा वाले हैण्डसेट पर एक ही नेटवर्क की कॉल बंद हुई है।
दूरसंचार विभाग के संयुक्त सचिव जेएस दीपक का कहना है कि यह प्रक्रिया गृह मंत्रलय के निर्देश पर चल रही थी। इस बारे में गृह विभाग ही सही जानकारी दे सकता है।

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  • Web Title:निराला निकला आईएमईआई का खेल